
खगड़िया: डीएम विक्रम विरकर का निर्देश—हर बच्चे को मिले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा…हर विद्यालय की खेल गतिविधियों में हो सहभागिता
खगड़िया: डीएम विक्रम विरकर का निर्देश—हर बच्चे को मिले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा…हर विद्यालय की खेल गतिविधियों में हो सहभागिता
खगड़िया/कौशी एक्सप्रेस। आज गुरुवार को जिलाधिकारी विक्रम विरकर की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न कार्यों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त श्रेया श्री, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिका सहित शिक्षा विभाग के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक में विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, आपदा के बाद विद्यालयों के पुनः संचालन तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
KGBV में विषयवार शिक्षकों की होगी प्रतिनियुक्ति
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता एवं रिक्तियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आवश्यकता के अनुरूप शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की कार्रवाई करने का निर्देश दिया, ताकि छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो और सभी विषयों का नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
भूमिहीन विद्यालयों के लिए भूमि सीमांकन में तेजी
जिले के भूमिहीन विद्यालयों के लिए उपलब्ध सरकारी भूमि की पहचान एवं सीमांकन की स्थिति की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए सीमांकन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया, ताकि विद्यालयों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जा सके।
ज्ञानदीप पोर्टल, बाल पंजी एवं विद्यार्थियों के दस्तावेजों की समीक्षा
ज्ञानदीप पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों के विवरण एवं वास्तविक विद्यालयी प्रवेश का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। साथ ही विद्यालयों में बाल पंजी को अद्यतन एवं व्यवस्थित रखने तथा विद्यार्थियों से संबंधित विवरणों का नियमित सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में विद्यार्थियों के जन्म प्रमाण-पत्र एवं आधार कार्ड की उपलब्धता की भी समीक्षा हुई। जिन विद्यार्थियों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उनके दस्तावेज निर्माण के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर विशेष पहल करने का निर्देश दिया गया।
बाढ़ के बाद पानी निकासी कर जल्द खोलें विद्यालय
हाल में उत्पन्न आपदा एवं जलजमाव की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि परिस्थितियां सामान्य होते ही विद्यालयों का संचालन शीघ्र शुरू कराया जाए। जिन विद्यालय परिसरों में अभी भी पानी जमा है, वहां पंप के माध्यम से पानी की निकासी, साफ-सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर विद्यालयों को पुनः संचालित कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि केवल विद्यार्थियों का नामांकन और उपस्थिति पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामपरक शिक्षा उपलब्ध कराना प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए। शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, कक्षा संचालन, बच्चों के सीखने के स्तर, भाषा एवं गणितीय दक्षता तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शैक्षणिक सहयोग की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में AXL के माध्यम से भाषा एवं गणितीय अधिगम को मजबूत करने, विद्यालयों में मार्गदर्शक के चयन के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने तथा DRG एवं DPMU के गठन/चयन की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने पर भी चर्चा हुई।
माता समूह के माध्यम से बढ़ेगी अभिभावक सहभागिता
विद्यालयों में स्नेह समिति/माता समूह के गठन एवं प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया। इसके माध्यम से माताओं को विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ते हुए बच्चों के पठन-पाठन एवं सीखने की प्रगति के अनुश्रवण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
निजी विद्यालयों की होगी जाँच, बिना प्रस्वीकृति संचालन पर कार्रवाई
बैठक में जिले में संचालित निजी विद्यालयों की प्रस्वीकृति/मान्यता की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्धारित मानकों, आधारभूत संरचना, शैक्षणिक व्यवस्था एवं अन्य अनिवार्य शर्तों के अनुपालन की जाँच के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सभी BEO को निर्देश दिया गया कि उनके क्षेत्र में कोई भी निजी विद्यालय बिना आवश्यक प्रस्वीकृति/मान्यता के संचालित नहीं हो। विद्यालयों की प्रस्वीकृति की वैधता, निर्धारित मानकों एवं आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करते हुए नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
शिक्षकों के वेतन व लंबित देयताओं का शीघ्र भुगतान
शिक्षकों के वेतन एवं अन्य लंबित वैध देयताओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अनावश्यक विलंब से बचने तथा लंबित मामलों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
29 सितंबर से होगी जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता
बैठक में विद्यालय खेल प्रतियोगिता-2026 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता का आयोजन 29 सितंबर से 01 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराने का निर्देश दिया गया। खिलाड़ियों के पंजीकरण, खेल मैदान, खेल सामग्री, तकनीकी पदाधिकारियों एवं निर्णायकों की उपलब्धता, सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने को कहा गया।
वहीं, सभी प्रखंडों में 26 एवं 27 सितंबर 2026 को प्रखंड स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता आयोजित करने का निर्देश दिया गया। संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अपने-अपने प्रखंड में प्रतियोगिता के नोडल पदाधिकारी होंगे।
हर विद्यालय की कम-से-कम एक खेल विधा में सहभागिता हो
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले का कोई भी विद्यालय खेल गतिविधियों से बाहर नहीं रहना चाहिए। सभी BEO अपने प्रखंड के प्रत्येक विद्यालय से विद्यार्थियों की निर्धारित खेल प्रतियोगिताओं में सहभागिता सुनिश्चित करेंगे तथा विद्यालयवार सहभागिता की सूची तैयार कर इसकी समीक्षा करेंगे। बिना उचित कारण सहभागिता नहीं कराने की स्थिति में संबंधित विद्यालय/जिम्मेदार पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय खेल प्रतियोगिताओं का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों से जोड़ना, उनकी प्रतिभा की पहचान करना और उन्हें उच्चतर स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रमुख केंद्र हैं। इसलिए शिक्षक उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं, नियमित पठन-पाठन, अभिभावक सहभागिता, खेल गतिविधियों एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा—सभी पहलुओं पर समान रूप से ध्यान देकर जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।
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