खगड़िया: किसानों के हित में जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने पुरजोर तरीके से उठाई आवाज…उर्वरक वितरण को लेकर कृषि पदाधिकारी से किए सवाल… पूछा—उर्वरक पर्याप्त है तो किसानों को देने में आनाकानी क्यों?

खगड़िया: किसानों के हित में जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने पुरजोर तरीके से उठाई आवाज…उर्वरक वितरण को लेकर कृषि पदाधिकारी से किए सवाल…
पूछा—उर्वरक पर्याप्त है तो किसानों को देने में आनाकानी क्यों ?

खगड़िया/कौशी एक्सप्रेस/ आज बुधवार, 23 सितंबर 2026 को समाहरणालय स्थित मुख्य सभा कक्ष में उप विकास आयुक्त श्रेया श्री (IAS) की अध्यक्षता में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में उर्वरक की उपलब्धता, किसानों को इसके वितरण तथा खरीफ फसल के मद्देनजर उर्वरक की मांग एवं आपूर्ति की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्राप्त सूचनानुसार बैठक के दौरान जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुमारी यादव ने किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी से कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि जिले में खरीफ फसल की खेती के रकबे और किसानों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक की मांग पहले से सुनिश्चित की गई है या नहीं। यदि किसानों की आवश्यकता के अनुरूप जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है, तो किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में अनुज्ञप्तिधारी दुकानदारों द्वारा आनाकानी अथवा अनावश्यक देरी क्यों की जा रही है।

जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर हैं। ऐसे में किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन और संबंधित विक्रेताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खरीफ फसल के महत्वपूर्ण समय में उर्वरक की उपलब्धता को लेकर किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों की भूमि एवं फसल से संबंधित विवरण विभागीय स्तर पर उपलब्ध रहता है। ऐसे में वास्तविक जरूरत के अनुरूप किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही या मनमानी उचित नहीं है।

श्रीमती कृष्णा कुमारी यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहने के बावजूद किसानों के बीच कृत्रिम रूप से उर्वरक की कमी प्रदर्शित की जाती है, किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया जाता है अथवा वितरण में अनियमितता की जाती है, तो ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जानबूझकर उर्वरक की कमी दिखाना, निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करना अथवा किसानों को परेशान करना गंभीर मामला है और यदि जांच में कालाबाजारी या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

जिला परिषद अध्यक्ष ने अधिकारियों से उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने, अनुज्ञप्तिधारी विक्रेताओं के स्टॉक का सत्यापन कराने तथा किसानों को निर्धारित दर एवं प्रक्रिया के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरक के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और किसी भी किसान को उसकी जरूरत के समय उर्वरक की कमी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी निगरानी आवश्यक है। उन्होंने किसानों के हित में उर्वरक वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया।

बैठक में कृषि विभाग के पदाधिकारियों एवं संबंधित सदस्यों द्वारा जिले में उर्वरक की उपलब्धता और वितरण से संबंधित स्थिति की जानकारी भी दी गई। जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि कृषि प्रधान खगड़िया में किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए तथा उर्वरक की आपूर्ति एवं वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

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