पटना में ADM (आपूर्ति) व सब-रजिस्ट्रार के ठिकानों पर निगरानी की बड़ी कार्रवाई…नकदी-ज्वेलरी व संपत्ति के दस्तावेज मिले… 👉 आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना और बेगूसराय में एक साथ तलाशी…निवेश व संपत्तियों से जुड़े कागजात की भी जांच..

पटना में ADM (आपूर्ति) व सब-रजिस्ट्रार के ठिकानों पर निगरानी की बड़ी कार्रवाई…नकदी-ज्वेलरी व संपत्ति के दस्तावेज मिले… 👉 आय से अधिक संपत्ति के मामले में पटना और बेगूसराय में एक साथ तलाशी…निवेश व संपत्तियों से जुड़े कागजात की भी जांच..

पटना/कौशी एक्सप्रेस। प्राप्त सूचनानुसार 28 सितंबर 2026 को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच के क्रम में बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पटना के एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी से जुड़े ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। कुमारी स्वीटी दानापुर में सब-रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं। निगरानी टीम ने पटना और बेगूसराय में स्थित संबंधित परिसरों में एक साथ कार्रवाई की। जांच एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई न्यायालय से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर की गई। मामला कथित तौर पर आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच में दंपती के संबंध में करीब 1.06 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने की बात कही गई है।

तलाशी में नकदी और कीमती सामान

कार्रवाई के दौरान विभिन्न ठिकानों से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में बरामद नकदी करीब 70 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में अलग राशि का उल्लेख होने के कारण अंतिम आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि जांच एजेंसी की विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

तलाशी के दौरान सोने-चांदी के आभूषण और महंगी घड़ियां भी मिलने की जानकारी है। बरामद सामान की कीमत का आकलन संबंधित विशेषज्ञों और जांच टीम द्वारा किया जा रहा है।

संपत्ति और निवेश के कागजात की जांच

निगरानी टीम को तलाशी के दौरान जमीन-मकान, निवेश और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। पटना के रूपसपुर स्थित कश्यप ग्रीन सिटी में दंपती से जुड़े दो फ्लैटों की जानकारी भी जांच में सामने आई है। इनमें से एक फ्लैट में निर्माण अथवा इंटीरियर से संबंधित कार्य चलने की बात कही गई है। अब जांच एजेंसी बरामद दस्तावेजों में दर्ज संपत्तियों और निवेश का मिलान दंपती की घोषित आय और वित्तीय रिकॉर्ड से करेगी। इस प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच के दायरे में आने वाली संपत्तियों का कुल मूल्य कितना है।

बेनामी संपत्ति के एंगल से भी पड़ताल

निगरानी विभाग की कार्रवाई केवल नकदी या आभूषण तक सीमित नहीं है। संपत्तियों के स्वामित्व, निवेश के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि किसी संपत्ति या निवेश के संबंध में आय के स्रोत से विसंगति सामने आती है तो उसे भी मामले की जांच में शामिल किया जा सकता है।

जांच पूरी होने के बाद तस्वीर होगी साफ

फिलहाल निगरानी टीम बरामद दस्तावेजों, नकदी, आभूषण और अन्य सामान का सत्यापन कर रही है। संपत्तियों के मूल्यांकन तथा आय और व्यय के आंकड़ों के मिलान के बाद मामले की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। कार्रवाई के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

कानूनी अस्वीकरण:
यह समाचार उपलब्ध आधिकारिक जानकारी एवं विभिन्न विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच संबंधित जांच एजेंसी द्वारा जारी है। समाचार में उल्लिखित आरोप एवं बरामदगी जांच के विषय हैं; इन्हें किसी व्यक्ति के विरुद्ध अंतिम दोषसिद्धि के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित पक्ष का अंतिम कानूनी दायित्व सक्षम न्यायालय के निर्णय के अधीन होगा। यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है अथवा संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण प्राप्त होता है, तो उसे भी उचित स्थान दिया जाएगा।

विधिक अस्वीकरण (Disclaimer):
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