
खगड़िया में रेबीज से बचाव और इलाज पर IMA-IDA की CME… डॉग बाइट के बाद समय पर वैक्सीनेशन पर दिया जोर…वैक्सीनेशन को लेकर चिकित्सकों ने किया जागरूक…
खगड़िया में रेबीज से बचाव और इलाज पर IMA-IDA की CME… डॉग बाइट के बाद समय पर वैक्सीनेशन पर दिया जोर…वैक्सीनेशन को लेकर चिकित्सकों ने किया जागरूक…
खगड़िया/कौशी एक्सप्रेस। विश्व रेबीज दिवस के पूर्व 27 सितंबर 2026 को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) एवं इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA), खगड़िया शाखा के संयुक्त तत्वावधान में “CME on Rabies Prevention and Treatment” विषय पर Dew Drop रेस्टोरेंट में चिकित्सकीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेबीज की रोकथाम एवं उपचार को लेकर चिकित्सकों के बीच जानकारी साझा करने के साथ आम लोगों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के चीफ स्पीकर डॉ. एस.जेड. रहमान ने रेबीज संक्रमण, इसके बचाव, डॉग बाइट के बाद अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों एवं उपचार की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रेबीज एक गंभीर एवं जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर उचित सावधानी और निर्धारित वैक्सीनेशन के माध्यम से इससे बचाव संभव है।
IMA खगड़िया शाखा के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि डॉग बाइट को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुत्ते के अलावा बिल्ली, बंदर या अन्य संभावित संक्रमित जानवर के काटने अथवा खरोंचने की स्थिति में भी तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना और चिकित्सक के निर्देशानुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से रेबीज के प्रति जागरूक रहने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। साथ ही पालतू कुत्तों सहित अन्य पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण कराने पर भी जोर दिया।
IMA खगड़िया शाखा के सचिव डॉ. शैलेंद्र कुमार ने कहा कि रेबीज की रोकथाम में जन-जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। बच्चों को आवारा अथवा अपरिचित कुत्तों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक करना चाहिए। डॉग बाइट होने की स्थिति में समय गंवाए बिना चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।
वहीं IDA खगड़िया शाखा के अध्यक्ष प्रभांशु कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि रेबीज से बचाव के लिए लोगों को सतर्क एवं जागरूक रहना होगा। उन्होंने पालतू कुत्तों का समय पर टीकाकरण कराने पर भी जोर दिया।
IDA खगड़िया शाखा के सचिव डॉ. देवव्रत कुमार ने कहा कि रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए डॉग बाइट के बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार और वैक्सीनेशन कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से रेबीज से होने वाली मौतों को रोकने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. वर्षा ने वरीय चिकित्सक डॉ एस के पंसारी एवं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. एस.जेड. रहमान को बुके भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में डॉ. प्रेम कुमार, नरेंद्र कुमार, डॉ गुलसनोवर, डॉ रश्मि कुमारी, डॉ आर के रमन , डॉ अर्णव आलोक, डॉ रणधीर कुमार, डॉ अमृत गुप्ता, डॉ नागमणि नंदन, डॉ जैनेंद्र नाहर, डॉ सतीश कुमार, डॉ कविंद्र कुमार, डॉ के कनिका, डॉ अमित आनंद, डॉ तरुण अन्य चिकित्सक एवं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहे। CME के दौरान रेबीज की रोकथाम एवं उपचार से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया। चिकित्सकों ने आम लोगों से अपील की कि डॉग बाइट होने पर घाव को तत्काल साफ करें, बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लें और डॉक्टर के निर्देशानुसार एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन अवश्य कराएं। साथ ही पालतू कुत्तों का भी नियमित टीकाकरण कराने की अपील की गई।
28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है। इसके मद्देनजर आयोजित इस CME के माध्यम से IMA एवं IDA ने चिकित्सकों और आम लोगों तक रेबीज से बचाव का महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाया। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सतर्कता, समय पर चिकित्सकीय सलाह और उचित वैक्सीनेशन के माध्यम से रेबीज से बचाव संभव है।
डॉ. पवन कुमार ने बताया कि आगामी दिनों में IMA एवं IDA खगड़िया शाखा की ओर से रेबीज की रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। अभियान के माध्यम से आम लोगों, विशेषकर बच्चों एवं अभिभावकों को कुत्ते, बिल्ली, बंदर सहित अन्य संभावित संक्रमित जानवरों के काटने या खरोंचने से बचाव, ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने तथा समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन कराने के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही लोगों से पालतू कुत्तों सहित अन्य पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण कराने की अपील भी की जाएगी।
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