
खगड़िया: BUIDCO के नाला निर्माण की गुणवत्ता और एलाइनमेंट का मामला पहुंचा जिला लोक शिकायत निवारण की चौखट पर…162.63 करोड़ के Urban Infrastructure कार्यों को लेकर वरिष्ठ पत्रकार आर.एम.पी. मधुर ने दर्ज कराया मामला…कचहरी व सोनमंखी-गौशाला रोड के निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग
खगड़िया: BUIDCO के नाला निर्माण की गुणवत्ता और एलाइनमेंट का मामला पहुंचा जिला लोक शिकायत निवारण की चौखट पर…162.63 करोड़ के Urban Infrastructure कार्यों को लेकर वरिष्ठ पत्रकार आर.एम.पी. मधुर ने दर्ज कराया मामला…कचहरी व सोनमंखी-गौशाला रोड के निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग
खगड़िया/कोशी एक्सप्रेस। खगड़िया शहर के कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में BUIDCO की ओर से कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता, लेवल और एलाइनमेंट को लेकर मामला अब जिला लोक शिकायत निवारण के समक्ष पहुंच गया है। प्रेस एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्ष सह वरिष्ठ पत्रकार आर.एम.पी. मधुर ने 1 अक्टूबर 2026 को आवेदन पत्र देकर मामले को जिला लोक शिकायत निवारण में दर्ज कराया है तथा निर्माण कार्यों की तकनीकी एवं विधि-सम्मत जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
मालूम हो कि आर.एम.पी. मधुर ने अपने आवेदन के साथ नगर सभापति अर्चना कुमारी द्वारा जिलाधिकारी खगड़िया को दिए गए आवेदन की प्रति तथा विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित संबंधित खबरों की प्रतियां भी समर्पित की हैं। इन दस्तावेजों के माध्यम से BUIDCO के निर्माणाधीन नाला कार्य की गुणवत्ता एवं एलाइनमेंट को लेकर उठाए गए सवालों की ओर लोक शिकायत निवारण प्राधिकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया है।
नाला कहीं नीचे तो कहीं सड़क से ऊपर होने का आरोप
शिकायत में कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में निर्माणाधीन नाला के लेवल और एलाइनमेंट को लेकर सवाल उठाए गए हैं। नगर सभापति अर्चना कुमारी की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि कुछ स्थानों पर नाला जमीन के नीचे तो कहीं करीब दो फीट तक जमीन के ऊपर बनाया जा रहा है। वहीं, कुछ स्थानों पर नाला के एलाइनमेंट और घुमाव को लेकर भी तकनीकी स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता बताई गई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि भविष्य में सड़क चौड़ीकरण की स्थिति में यदि नाला निर्धारित और उपयुक्त एलाइनमेंट में नहीं रहा तो सरकारी राशि से निर्मित संरचना को हटाकर दोबारा निर्माण कराने की नौबत आ सकती है।
स्वतंत्र तकनीकी जांच की मांग
आर.एम.पी. मधुर ने जिला लोक शिकायत में दिए आवेदन के माध्यम से मांग की है कि निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। जांच के दौरान नाला की सीध, लेवल, ढाल, गहराई, चौड़ाई, एलाइनमेंट तथा सड़क के वर्तमान एवं प्रस्तावित स्तर के साथ उसके समन्वय का तकनीकी सत्यापन कराया जाए। साथ ही संबंधित योजना की DPR, स्वीकृत प्राक्कलन, तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश एवं अन्य अभिलेखों का स्थल पर किए जा रहे निर्माण से मिलान कराने की मांग की गई है।
अर्चना कुमारी बोलीं—निर्माण रोकना नहीं, गुणवत्ता सुनिश्चित करना उद्देश्य
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी विकास योजना को रोकना नहीं है। जनता के पैसे से होने वाले निर्माण कार्य तकनीकी रूप से सही और टिकाऊ हों, यही उनकी मांग है। उन्होंने कहा कि निर्माण पूरा होने के बाद कमी सामने आने से बेहतर है कि अभी स्वतंत्र तकनीकी जांच कराकर यदि कहीं लेवल या एलाइनमेंट में कमी हो तो उसे समय रहते दुरुस्त कराया जाए।
ज्योतिष मिश्रा ने कहा—जांच से स्थिति होगी स्पष्ट
नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा ने कहा कि शहर में करोड़ों रुपये की लागत से विकास कार्य हो रहे हैं। ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर सवाल उठना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र तकनीकी जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी और यदि निर्माण स्वीकृत मानकों के अनुरूप है तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कहीं तकनीकी कमी मिलती है तो निर्माण पूरा होने से पहले उसे सुधारना जनहित में होगा।
162.63 करोड़ के Urban Infrastructure कार्यों का भी उल्लेख
अध्यक्ष सह संपादक आर.एम.पी. मधुर द्वारा दिए गए आवेदन में खगड़िया में BUIDCO के Urban Infrastructure के तहत कराए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की बताई गई एस्टीमेट वैल्यू करीब 162.63 करोड़ रुपये का भी उल्लेख किया गया है। आवेदन में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी एवं कार्यप्रणाली से जुड़ी शिकायतों की विधि-सम्मत जांच की मांग की गई है। आर.एम.पी. मधुर ने कहा कि विकास योजनाओं में खर्च होने वाली राशि सार्वजनिक धन है। इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित होना आवश्यक है। शिकायत की निष्पक्ष जांच से वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के निष्कर्ष के बाद ही स्पष्ट होगी। BUIDCO अथवा संबंधित संवेदक का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।
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