खगड़िया: राजेंद्र सरोवर भूमि विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई पर रोक…नगर परिषद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस… नप सभापति अर्चना कुमारी के नेतृत्व में कानूनी लड़ाई को मिली अहम अंतरिम राहत…सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी जानकारी

खगड़िया: राजेंद्र सरोवर भूमि विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई पर रोक…नगर परिषद की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस… नप सभापति अर्चना कुमारी के नेतृत्व में कानूनी लड़ाई को मिली अहम अंतरिम राहत…सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी जानकारी

खगड़िया/नई दिल्ली/ कौशी एक्सप्रेस/  सन्हौली स्थित राजेंद्र सरोवर से जुड़े खाता संख्या 159 एवं प्लॉट संख्या 485 की भूमि के विवाद में नगर परिषद खगड़िया की विशेष अनुमति याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। नगर सभापति अर्चना कुमारी के प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा द्वारा जारी लिखित प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए पटना हाईकोर्ट के 27 अगस्त 2026 के आदेश के आधार पर आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति एम.एम. सुन्दरेश एवं न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ के समक्ष हुई। नगर परिषद की ओर से अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड नितेश रंजन ने पक्ष रखा।

नगर सभापति अर्चना कुमारी के नेतृत्व में नगर परिषद ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर सभापति अर्चना कुमारी के नेतृत्व में नगर परिषद ने मामले को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। नगर परिषद का पक्ष रहा कि विवादित भूमि के स्वामित्व, कब्जे और राजस्व अभिलेखों से जुड़े प्रश्नों को स्पष्ट किए बिना केवल मापी के आधार पर भूमि रिलीज करने का आदेश गंभीर कानूनी प्रश्न खड़ा करता है। मालूम हो कि नगर परिषद की ओर से मामले में अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड नितेश रंजन ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा।

नितेश रंजन की टाइटल संबंधी दलील की चर्चा

सुनवाई के दौरान नितेश रंजन ने मामले को केवल मापी का विषय न बताते हुए भूमि के टाइटल, स्वामित्व, कब्जे और राजस्व अभिलेखों से जुड़ा विवाद बताया। नगर परिषद की ओर से यह तर्क रखा गया कि यदि टाइटल का अंतिम निर्धारण नहीं हुआ है, तो मापी के आधार पर भूमि रिलीज करने के आदेश का प्रभाव परोक्ष रूप से किसी पक्ष को टाइटल प्रदान करने जैसा हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद नोटिस जारी करते हुए पटना हाईकोर्ट के 27 अगस्त 2026 के आदेश के आधार पर आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी। यह रोक मामले में तत्काल प्रभाव से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत के रूप में सामने आई है।

खगड़िया के सन्हौली से है नितेश रंजन का पारिवारिक संबंध

नगर परिषद की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखने वाले नितेश रंजन का मूल संबंध खगड़िया के सन्हौली से बताया जाता है। वे स्वर्गीय प्रेम बाबू के पुत्र हैं। अपने ही क्षेत्र से जुड़े इस महत्वपूर्ण मामले में सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष नगर परिषद का पक्ष रखने को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा है।

कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल के प्रयास भी महत्वपूर्ण

मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की प्रक्रिया में नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल के प्रशासनिक स्तर पर किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया जा रहा है। संबंधित दस्तावेजों, प्रशासनिक रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया में आवश्यक समन्वय के माध्यम से नगर परिषद का पक्ष तैयार करने में सहयोग किया गया। नगर परिषद के निर्वाचित नेतृत्व और प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वय से मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचाया गया।

हाईकोर्ट के आदेश पर रोक से राजेंद्र सरोवर के विवादित क्षेत्र को राहत

राजेंद्र सरोवर के विवादित क्षेत्र में अतिक्रमण और निर्माण को लेकर पहले से शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटना हाईकोर्ट के 27 अगस्त के आदेश के आधार पर आगे की कार्यवाही पर रोक लगाए जाने से फिलहाल उस आदेश के आधार पर संबंधित भूमि को लेकर आगे की कार्रवाई रुक गई है। नगर परिषद के लिए यह इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि विवादित क्षेत्र में लगातार स्थिति बदलने की शिकायतों के बीच अब हाईकोर्ट के आक्षेपित आदेश के आधार पर तत्काल कार्रवाई नहीं हो सकेगी। इससे राजेंद्र सरोवर की प्रस्तावित करीब ₹9.50 करोड़ की सौंदर्यीकरण योजना को भी बल मिलने की उम्मीद है। नगर परिषद का कहना है कि सरोवर की भूमि और उससे जुड़े अधिकारों की कानूनी स्थिति स्पष्ट रहते हुए सार्वजनिक विकास योजना को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना जरूरी है।

अर्चना कुमारी ने कहा—नगरहित और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा प्राथमिकता

नगर सभापति अर्चना कुमारी का कहना है कि नगर परिषद का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष से विवाद करना नहीं, बल्कि राजेंद्र सरोवर जैसी सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण और नगरहित से जुड़े विकास कार्यों को कानून के अनुरूप आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद ने अपने अधिकारों और सार्वजनिक हित से जुड़े प्रश्नों को न्यायिक मंच पर रखा है और न्यायालय की प्रक्रिया का पूरा सम्मान किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद राजेंद्र सरोवर से जुड़े इस विवाद में अब पटना हाईकोर्ट के 27 अगस्त 2026 के आदेश के आधार पर तत्काल आगे की कार्रवाई पर विराम लग गया है। नगर परिषद इसे सार्वजनिक हित और प्रस्तावित सौंदर्यीकरण योजना की दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाक्रम मान रही है।

ज्योतिष मिश्रा बोले—सार्वजनिक संपत्ति का संरक्षण प्राथमिकता

नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा ने कहा कि राजेंद्र सरोवर नगर की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति है। नगर परिषद का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष से विवाद करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति का संरक्षण एवं नगरहित से जुड़े विकास कार्यों को कानून के अनुरूप आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि परिषद न्यायालय की प्रक्रिया का पूरा सम्मान करेगी और आगे की कार्रवाई न्यायिक आदेशों के अनुरूप ही की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने और पटना हाईकोर्ट के 27 अगस्त 2026 के आदेश के आधार पर आगे की कार्यवाही पर रोक के बाद राजेंद्र सरोवर भूमि विवाद में अब अगली न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। नगर परिषद इसे सरोवर की सार्वजनिक भूमि एवं प्रस्तावित विकास योजना के संदर्भ में महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रम मान रही है।

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