
खगड़िया में प्रशासनिक व्यवस्था होगी और पारदर्शी…हर विभाग के लिए बनेगा ‘रेडी रेकनर’ : डीएम विक्रम विरकर… फाइल मूवमेंट से लेकर आवेदन प्रक्रिया, समय-सीमा और चेकलिस्ट तक होगी स्पष्ट..आमजन को मिलेगी आसान, जवाबदेह और समयबद्ध सेवा…
खगड़िया में प्रशासनिक व्यवस्था होगी और पारदर्शी…हर विभाग के लिए बनेगा ‘रेडी रेकनर’ : डीएम विक्रम विरकर…
फाइल मूवमेंट से लेकर आवेदन प्रक्रिया, समय-सीमा और चेकलिस्ट तक होगी स्पष्ट..आमजन को मिलेगी आसान, जवाबदेह और समयबद्ध सेवा…
खगड़िया/ कौशी एक्सप्रेस/ जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए समाहरणालय स्थित अपने कक्ष में सभी विभागों द्वारा तैयार किए जा रहे रेडी रेकनर की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग का रेडी रेकनर ऐसा व्यवहारिक मार्गदर्शक बने, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ पदाधिकारी और कर्मचारी भी विभागीय प्रक्रियाओं को आसानी से समझ सकें।

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रेडी रेकनर में विभागवार मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), संबंधित अधिनियम एवं नियम, आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सेवा प्रदान करने की समय-सीमा, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ), आवेदक को क्या करना है और क्या नहीं करना है जैसी सभी जानकारियां सरल एवं स्पष्ट भाषा में शामिल की जाएं।
उन्होंने प्रत्येक विभाग को निर्देश दिया कि आवेदन प्राप्त होने से अंतिम निष्पादन तक फाइल मूवमेंट की पूरी प्रक्रिया का विस्तृत उल्लेख किया जाए, ताकि प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी, समय-सीमा और कार्यप्रवाह स्पष्ट हो तथा कार्यों का निष्पादन पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग से संबंधित अधिनियमों, नियमों और सरकारी प्रावधानों का नियमित अध्ययन करें तथा अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ समय-समय पर इसकी समीक्षा करें। इससे विभागीय कार्यों में त्रुटि और अनावश्यक विलंब की संभावना कम होगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग एक चेकलिस्ट तैयार करे, जिसमें आवेदन के साथ आवश्यक सभी दस्तावेजों और औपचारिकताओं का स्पष्ट उल्लेख हो। यह चेकलिस्ट नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लोग पहली बार में ही पूर्ण आवेदन प्रस्तुत कर सकें और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में कार्यालयों में उपलब्ध सक्रिय एवं निष्क्रिय फाइलों के अलग-अलग सूचीकरण (इंडेक्सिंग) पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने वर्षों से लंबित फाइलों की पहचान कर नियमानुसार उनके निष्पादन अथवा अभिलेखीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित फाइल प्रबंधन से कार्यों में तेजी आएगी, कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने अधिकारियों को विभागीय बैठकों, कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों के समयबद्ध निष्पादन, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन के साथ नियमित संवाद, शिकायतों के त्वरित समाधान तथा कार्यालयीन कार्यों की नियमित समीक्षा को भी रेडी रेकनर का अभिन्न हिस्सा बनाने का निर्देश दिया।
डीएम ने कहा कि ग्राम सभा, नगर परिषद एवं नगर पंचायत की बैठकें, क्षेत्र भ्रमण, निरीक्षण, विभागीय समीक्षा तथा जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर के कार्यालयों और योजनाओं के निरीक्षण की स्पष्ट कार्ययोजना भी रेडी रेकनर में शामिल की जाए, ताकि प्रत्येक गतिविधि के लिए उत्तरदायित्व और समय-सीमा तय हो सके।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने कहा कि रेडी रेकनर का उद्देश्य केवल विभागीय प्रक्रियाओं का संकलन नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को सरल, पारदर्शी, जवाबदेह, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित बनाना है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित प्रारूप के अनुसार अपने-अपने रेडी रेकनर एवं विभागीय चेकलिस्ट शीघ्र अंतिम रूप देकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि जिले में सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
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