
खगड़िया: स्टेशन रोड पर लगाए जा रहे पेवर ब्लॉक तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं… CM सहित संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग : अर्चना कुमारी
खगड़िया: स्टेशन रोड पर लगाए जा रहे पेवर ब्लॉक तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं… CM सहित संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग : अर्चना कुमारी
खगड़िया /कौशी एक्सप्रेस/ खगड़िया नगर परिषद की सभापति अर्चना कुमारी ने शहर के महत्वपूर्ण स्टेशन रोड (राजेंद्र चौक से बखरी बस स्टैंड तक) पर चल रहे पेवर ब्लॉक निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर बिहार सरकार के शीर्ष अधिकारियों से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, पथ निर्माण मंत्री समेत विभागीय अधिकारियों को आवेदन भेजा है।
सभापति ने आरोप लगाया है कि सड़क किनारे लगाए जा रहे पेवर ब्लॉक निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं हैं। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर ब्लॉक अव्यवस्थित तरीके से लगाए गए पाए गए, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह के कार्य से भविष्य में सड़क जल्द क्षतिग्रस्त हो सकती है और सरकारी धन के दुरुपयोग की संभावना बढ़ सकती है।
अर्चना कुमारी ने कहा कि इस संबंध में कई बार पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को दूरभाष पर शिकायत दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कार्यपालक अभियंता की भूमिका की भी जांच कर विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
डिवाइडर नहीं बनने पर बढ़ी चिंता
नगर सभापति ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि मालगोदाम चौक से बखरी बस स्टैंड तक सड़क के बीच डिवाइडर का निर्माण नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद द्वारा सड़क के मध्य लाखों रुपये की लागत से डेकोरेटिव लाइटें लगाई गई हैं। डिवाइडर नहीं रहने से अनियंत्रित वाहनों के लाइट पोल से टकराने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि डिवाइडर निर्माण केवल सौंदर्यीकरण नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है, इसलिए इस पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है।
सात बिंदुओं पर की कार्रवाई की मांग
अपने आवेदन में नगर सभापति ने पेवर ब्लॉक कार्य की तकनीकी जांच, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच, कार्यपालक अभियंता की भूमिका की समीक्षा, दोषी संवेदक व अभियंताओं पर कार्रवाई, डिवाइडर निर्माण के निर्देश, डेकोरेटिव लाइटों की सुरक्षा तथा जांच पूरी होने तक भुगतान की समीक्षा सहित सात प्रमुख मांगें रखी हैं।
नगर में तेज हुई चर्चा
मामला मुख्यमंत्री और विभागीय अधिकारियों तक पहुंचने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता हुआ है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अब सभी की नजर राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग के निर्णय पर टिकी है।
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