
स्व. परमानंद प्रसाद प्रभाकर की स्मृति में 20 लाख का योगदान… विधिज्ञ संघ की लाइब्रेरी बनेगी यादगार : चन्द्रदेव प्रसाद यादव
स्व. परमानंद प्रसाद प्रभाकर की स्मृति में 20 लाख का योगदान… विधिज्ञ संघ की लाइब्रेरी बनेगी यादगार : चन्द्रदेव प्रसाद यादव
खगड़िया/ कौशी एक्सप्रेस/ जिला विधिज्ञ संघ भवन में सोमवार को भावुक माहौल में स्वर्गीय वरीय अधिवक्ता परमानंद प्रसाद प्रभाकर की स्मृति में उनकी धर्मपत्नी रीना रानी प्रभाकर ने जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद यादव को 20 लाख रुपये का चेक सौंपा। यह राशि जिला विधिज्ञ संघ परिसर में प्रस्तावित लाइब्रेरी के निर्माण के लिए दी गई है।
इस अवसर पर स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर के योगदान को याद करते हुए उनकी धर्मपत्नी रीना रानी प्रभाकर भावुक हो गईं और रोते हुए कहा कि उनके पति ने अधिवक्ता के रूप में लंबे समय तक सेवा की। उनकी स्मृति को जीवंत रखने के उद्देश्य से लाइब्रेरी निर्माण के लिए यह राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पति की यादें और अधिवक्ता समाज के प्रति उनका योगदान हमेशा बना रहे, यही उनकी इच्छा है। कार्यक्रम के दौरान जिला विधिज्ञ संघ की ओर से स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर की स्मृति एवं अधिवक्ता समाज में उनके योगदान के लिए उनके परिजनों को सम्मानित भी किया गया। जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में ख्याति प्राप्त किए थे। उन्होंने अपने कार्य और व्यवहार से अधिवक्ता समाज में विशिष्ट पहचान बनाई थी। आज उनकी धर्मपत्नी रीना रानी प्रभाकर ने लाइब्रेरी निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की राशि देकर उनकी यादों को हमेशा के लिए जीवंत रखने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जिला विधिज्ञ संघ इस सहयोग को हमेशा याद रखेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि अधिवक्ता संघ उनके परिवार के साथ हर सुख-दुख में कदम से कदम मिलाकर खड़ा रहेगा और उनकी हर समस्या के समाधान में सहयोग किया जाएगा। अध्यक्ष चंद्रदेव प्रसाद यादव ने कहा कि लाइब्रेरी का निर्माण पूरा होने के बाद भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर का फोटो लाइब्रेरी में लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी का उद्घाटन माननीय मुख्य न्यायाधीश से कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी आने वाले समय में अधिवक्ताओं के लिए अध्ययन एवं विधिक शोध का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी और स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर की स्मृति को सदैव जीवित रखेगी। स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर मूल रूप से बछौता के रहने वाले थे और वर्तमान में मारर में निवास कर रहे थे। अधिवक्ता समाज में उनकी पहचान एक वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित अधिवक्ता के रूप में रही।
वरीय अधिवक्ता सीमा एवं मोहम्मद बैरम रकी ने संयुक्त रूप से कहा कि स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर का अधिवक्ता समाज के प्रति योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी धर्मपत्नी रीना रानी प्रभाकर द्वारा लाइब्रेरी निर्माण के लिए 20 लाख रुपये का सहयोग देना सराहनीय एवं अनुकरणीय पहल है। इससे न केवल उनकी स्मृतियां चिरस्थायी होंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिवक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
अधिवक्ता संजीव कुमार यादव ने कहा कि स्वर्गीय वरीय अधिवक्ता परमानंद प्रसाद प्रभाकर की स्मृति में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रीना रानी प्रभाकर द्वारा जिला विधिज्ञ संघ, खगड़िया को 20 लाख रुपये का सहयोग दिया जाना अत्यंत सराहनीय एवं अनुकरणीय पहल है। यह राशि महज आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि अधिवक्ता समाज के प्रति सम्मान, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना का प्रतीक है। स्वर्गीय परमानंद प्रभाकर का अधिवक्ता समाज के प्रति योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी स्मृति में बनने वाली लाइब्रेरी आने वाली पीढ़ियों के अधिवक्ताओं के लिए ज्ञान और अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे योगदान से न केवल संस्था मजबूत होती है, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहन मिलता है। रीना रानी प्रभाकर का यह प्रयास स्वर्गीय परमानंद प्रभाकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, जिसकी स्मृति लंबे समय तक अधिवक्ता समाज में बनी रहेगी।
कार्यक्रम में वरीय अधिवक्ता सीमा, संजीव कुमार यादव, मोहम्मद बैरम सहित स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर के परिजनों में लाल मोहन सिंह एवं अन्य लोग उपस्थित थे।
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