
फरक्का जल संधि बिहार की जल सुरक्षा, किसानों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा : नवल किशोर शर्मा…जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा के नेतृत्व में खगड़िया नीतीश संवाद की तैयारी पूरी
फरक्का जल संधि बिहार की जल सुरक्षा, किसानों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा : नवल किशोर शर्मा…
जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा के नेतृत्व में खगड़िया नीतीश संवाद की तैयारी पूरी
खगड़िया /कौशी एक्सप्रेस/ जिला अतिथि गृह के सभागार में मंगलवार को जनता दल (यू) की ओर से फरक्का जल संधि के मुद्दे पर आगामी ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम को लेकर प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा ने की।
इस दौरान जदयू नेता पंकज कुमार पटेल एवं जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने अंगवस्त्र, माला एवं बुके भेंट कर प्रदेश प्रवक्ता नवल शर्मा का स्वागत किया। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए नवल शर्मा ने कहा कि फरक्का जल संधि महज सामान्य ज्ञान अथवा राजनीतिक बहस का विषय नहीं है, बल्कि बिहार की जल सुरक्षा, कृषि, बाढ़, कटाव, किसानों और करोड़ों लोगों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। वर्ष 1996 में हुई फरक्का जल संधि के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर बिहार में व्यापक जनजागरूकता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समय-समय पर फरक्का जल संधि के प्रभावों और बिहार के हितों से जुड़े जल संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन समय में बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा संधि को बिहार के हित में नहीं माने जाने के बावजूद प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया। बिहार के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका के बावजूद निर्णायक पहल क्यों नहीं की गई, यह सवाल आज भी महत्वपूर्ण है।
12 जिलों में होगा जनसंवाद अभियान
नवल शर्मा ने बताया कि फरक्का जल संधि के मुद्दे पर जदयू की ओर से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बक्सर और भोजपुर में संवाद कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं, जबकि बेगूसराय के बाद बुधवार को खगड़िया में ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि राज्य के कुल 12 जिलों में इस तरह के जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि नदियों में लगातार घटता जलप्रवाह, बढ़ता गाद जमाव और सहायक नदियों के उफान से बिहार के कई क्षेत्रों में बाढ़ एवं कटाव की समस्या गंभीर होती जा रही है। इन समस्याओं के कारणों तथा फरक्का व्यवस्था के दीर्घकालिक प्रभावों का वैज्ञानिक एवं समग्र अध्ययन जरूरी है। बिहार के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ही इस विषय पर आगे की रणनीति तय की जानी चाहिए। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि “फरक्का का सवाल सिर्फ पानी का सवाल नहीं है। यह बिहार की जमीन, किसान, बाढ़, कटाव, जल सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है।” उन्होंने दिसंबर 2026 में प्रस्तावित फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के संदर्भ में बिहार के हितों की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता जताई। उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा द्वारा राज्यसभा में फरक्का जल संधि के प्रभावों की वैज्ञानिक एवं समग्र समीक्षा, गंगा की अविरलता, गाद प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण तथा बिहार की जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक समाधान की मांग उठाए जाने का भी उल्लेख किया।
खगड़िया का संवाद बनेगा जनसरोकारी अभियान
नवल शर्मा ने कहा कि बुधवार को बछौता स्थित शारदा फार्म हाउस में आयोजित होने वाला नीतीश संवाद महज राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गंगा किनारे रहने वाले बिहारवासियों की आवाज को सुनने और फरक्का जल संधि के संभावित प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने का जनसंवाद अभियान है। उन्होंने विश्वास जताया कि खगड़िया का कार्यक्रम ऐतिहासिक और प्रभावी होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता को लेकर जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा, सदर विधायक एवं अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बबलू कुमार मंडल सहित पार्टी के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पूरी सक्रियता से तैयारियों में जुटे हैं। प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी कुशवाहा, विधायक बबलू कुमार मंडल, प्रदेश सचिव नीलम वर्मा, पंकज कुमार पटेल, दीपक सिन्हा, आचार्य राकेश पासवान शास्त्री, उमेश सिंह पटेल, अनिल जायसवाल, सुबोध यादव, निर्मला कुमारी, राजीव गुप्ता, प्रभाकर चौधरी मंटून, सावन कुमार बंटी, धर्मेंद्र महतो, राजीव रंजन, रामप्रकाश सिंह, राजनीति प्रसाद सिंह, राजवर्धन कुशवाहा, आदित्य पटेल, दीपक कुमार सिंह, रंजीत कुमार सिंह एवं रविन्द्र पोद्दार सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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