खगड़िया जिप अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता में खोला मोर्चा….जिप की एक इंच जमीन पर भी कब्जा बर्दाश्त नहीं  : कृष्णा कुमारी यादव… बलुआही बस स्टैंड समेत कई भूखंडों पर जताया दावा…

खगड़िया जिप अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता में खोला मोर्चा….जिप की एक इंच जमीन पर भी कब्जा बर्दाश्त नहीं  : कृष्णा कुमारी यादव…
बलुआही बस स्टैंड समेत कई भूखंडों पर जताया दावा…
खगड़िया/ कौशी एक्सप्रेस/ आज बुधवार 14 मई को जिप कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत जिला परिषद की भूमि एवं संपत्तियों पर कथित अतिक्रमण, बंदोबस्ती और स्वामित्व विवाद को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। जिप अध्यक्ष ने कहा कि खगड़िया नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत जिला परिषद की बहुमूल्य जमीनों पर भूमाफियाओं की नजर है और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से कब्जा कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि  किसी को भी जिला परिषद की एक इंच जमीन हड़पने नहीं दी जाएगी।
सीएम को दिए आवेदन में उन्होंने पंचायत राज विभाग के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा था कि जिला परिषद की सभी संपत्तियों का अभिलेख तैयार कर अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। आवेदन में बलुआही बस स्टैंड की जमीन को जिला परिषद की संपत्ति बताते हुए कहा गया कि उक्त भूमि मौजा-हाजीपुर, खाता संख्या-153 एवं 160 तथा खेसरा संख्या-131 एवं 132 में दर्ज है।

मालूम हो कि जिप अध्यक्ष द्वारा सदर एसडीओ को नजरी नक्शा भेजते हुए मांग की कि जिला परिषद की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा बिना अनुमति निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। इस संबंध में आवेदन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, नगर विकास एवं आवास विभाग और पंचायत राज विभाग को भी भेजी गई है।
प्रेसवार्ता में कृष्णा कुमारी यादव ने कहा कि वर्ष 1989 में जिला योजना राशि से बस पड़ाव का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण के लिए जिला परिषद से अनापत्ति नहीं ली गई। बाद में वर्ष 2011-16 के दौरान उक्त भूखंड को जिला परिषद को वापस करने की मांग की गई थी, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा नगर परिषद को बस स्टैंड की बंदोबस्ती एवं वसूली का अधिकार दे दिया गया।
उन्होंने बताया कि इस मामले में जिला लोक निवारण समिति में जिलाधिकारी के समक्ष वाद संख्या-02/2014 दायर किया गया, जो वर्तमान में विचाराधीन है। इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा आधुनिक बस स्टैंड निर्माण हेतु शिलान्यास किया जाना न्यायसंगत नहीं है। उन्न्होने कहा कि जिला परिषद की भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण सक्षम प्राधिकार की अनुमति के बाद ही होना चाहिए।
जिप अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि श्यामलाल ट्रस्ट, बिहारी संस्कृत महाविद्यालय, सन्हौली गोशाला समेत कई संस्थानों की जमीनों में जमाबंदी हेराफेरी कर लोगों ने अपने नाम से बिक्री कर अकूत संपत्ति अर्जित की है।  कृष्णा कुमारी यादव ने आरोप लगाया कि शहर में शत्रु संपदा, गैर मजरूआ आम-खास, टोपो एवं अन्य सरकारी भूमि तक को गलत तरीके से अपने नाम कर बेचने का खेल पहले भी होता रहा है। उन्होंने कहा कि उसी प्रकार जिला परिषद की संपत्तियों पर भी कुछ पदाधिकारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से कब्जा कराने की कोशिश की जा रही है।  लेकिन उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में किसी को भी जिला परिषद की जमीन पर अवैध तरीके से हक जमाने नहीं दिया जाएगा। प्रेसवार्ता में उन्होंने राजेंद्र चौक, नगर परिषद कार्यालय परिसर, ट्रेंचिंग ग्राउंड  टोला समेत कई भूखंडों को जिला परिषद की संपत्ति बताया।  नगर परिषद द्वारा उठाए गए सवालों पर कृष्णा कुमारी यादव ने कहा कि राजेंद्र चौक स्थित भूमि पर फुटकर दुकानदारों को धूप और बारिश से बचाव के लिए अस्थाई शेड निर्माण की अनुमति दी गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह स्थाई निर्माण नहीं है, बल्कि जरूरतमंद छोटे दुकानदारों की सुविधा के लिए अस्थाई व्यवस्था की गई है। साथ ही कहा कि भविष्य में मार्केट कॉम्प्लेक्स निर्माण के दौरान इन अस्थाई ढांचों को हटा दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड की छह बीघा से अधिक जमीन पर कुछ लोगों द्वारा 1-2 लाख रुपये लेकर अवैध तरीके से पक्का मकान बना दिया गया। इसे हटाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी चल रही है।
जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने कहा कि बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा-100 के तहत जिला परिषद की संपत्ति नगर परिषद में निहित नहीं होती है। उन्होंने सदर एसडीओ को नजरी नक्शा भेजते हुए जिला परिषद की जमीनों पर बिना अनुमति किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने प्रशासन से जिला परिषद की बहुमूल्य संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विवादित जमीनों पर निर्माण कार्य रोकने की मांग की। जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने प्रेसवार्ता में नाराजगी जताते हुए कहा कि जिला परिषद की बैठकों में सांसद महोदय शामिल नहीं होते हैं। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि आधुनिक बस स्टैंड निर्माण के शुभारंभ कार्यक्रम में भी सांसद महोदय ने जिप अध्यक्ष को खोजने तक की जरूरत नहीं समझी, जबकि संबंधित भूमि को लेकर जिला परिषद अपना दावा जता रही है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय और संवाद होना जरूरी है, ताकि विकास कार्यों को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

अंत में जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने कहा कि सभी लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि जिला परिषद की संपत्ति का हस्तांतरण करने का अधिकार राज्य सरकार को भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला परिषद की संपत्ति को किसी दूसरे विभाग में हस्तांतरित करने की शक्ति नहीं है।
उन्होंने बताया कि मानसी, गोगरी एवं जमालपुर अनुमंडल कार्यालय सहित बेलदौर बाजार की जिला परिषद संपत्तियों को लेकर कहीं कोई विवाद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीतिक वाहवाही बटोरना चाहते हैं, लेकिन जिला परिषद अपनी संपत्तियों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आगे उन्होंने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया पर लिखने और फर्जी आईडी के माध्यम से अनाप-शनाप बातें फैलाने से झूठ सच साबित नहीं हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के पास अपनी जमीनों से जुड़े अभिलेख, दस्तावेज और प्रमाण उपलब्ध हैं तथा तथ्य के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जा रही है।

वहीं नगर सभापति अर्चना कुमारी ने राजेंद्र चौक स्थित निर्माण को अवैध बताते हुए एसडीओ को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। नगर सभापति ने अपने पत्र में कहा कि राजेंद्र चौक शहर का अत्यंत व्यस्त इलाका है और वहां अवैध स्टॉल निर्माण होने से जाम की समस्या बढ़ सकती है। साथ ही अवैध वसूली की आशंका भी जताई गई है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण हटाने, मामले की जांच कराने और संबंधित लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
दोनों जनप्रतिनिधियों के अलग-अलग दावों और आरोपों के बाद शहर में जमीन विवाद का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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