
बेगूसराय : ‘जीविका दीदियां बिहार के विकास की मजबूत कड़ी’ : बबलू मंडल, विधायक
बेगूसराय : ‘जीविका दीदियां बिहार के विकास की मजबूत कड़ी’ : बबलू मंडल, विधायक 
बेगूसराय/ कौशी एक्सप्रेस/जीविका के 20 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गांधी जयंती के पावन मौके पर बेगूसराय में ‘नीतीश संवाद : जीविका के 20 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खगड़िया सदर विधायक बबलू कुमार मंडल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
मालूम हो कि कार्यक्रम के प्रारंभ में विधायक बबलू कुमार मंडल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को याद किया।
जीविका ने महिलाओं के जीवन में लाया बड़ा बदलाव : बबलू मंडल
अपने संबोधन में विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि जीविका केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बिहार की ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला एक महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक अभियान बन चुका है। पिछले 20 वर्षों में जीविका से जुड़कर लाखों महिलाओं ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि कभी जिन महिलाओं की भूमिका परिवार की चारदीवारी तक सीमित मानी जाती थी, आज वही महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर परिवार, समाज और गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। जीविका दीदियों ने यह साबित किया है कि यदि महिलाओं को अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ पूरे परिवार की दिशा बदल सकती हैं। विधायक ने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाओं में बचत की आदत, स्वरोजगार, छोटे व्यवसाय, वित्तीय जागरूकता और सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित हुई है। इसका प्रभाव केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सकारात्मक असर उनके परिवार और पूरे समाज पर पड़ा है।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में नीतीश कुमार के प्रयासों को सराहा
बबलू मंडल ने जीविका के 20 वर्षों के सफर का उल्लेख करते हुए महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में किए गए कार्यों के लिए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की सोच ने बिहार में व्यापक बदलाव का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने जीविका दीदियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आज बिहार की महिलाएं केवल सहायता प्राप्त करने वाली नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने वाली शक्ति के रूप में सामने आई हैं। गांव-गांव में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं का संगठित होना और सामूहिक रूप से आगे बढ़ना सामाजिक परिवर्तन का बड़ा उदाहरण है।
‘जीविका दीदियां विकास की मजबूत कड़ी’
विधायक ने कहा कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की विभिन्न योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में जीविका दीदियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में जीविका से जुड़ी महिलाओं ने जागरूकता फैलाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती ही परिवार की मजबूती है और परिवार मजबूत होगा तो समाज और राज्य भी मजबूत होगा। इसलिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाना जरूरी है।
हजारों की संख्या में पहुंचीं जीविका दीदियां
कार्यक्रम में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। हजारों की संख्या में जीविका दीदियां एवं मातृशक्ति कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। महिलाओं में कार्यक्रम को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रम के दौरान जीविका के 20 वर्षों की उपलब्धियों, महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम की प्रभारी सह पूर्व विधायक मंजू देवी, दीप्ति सिंह, जदयू बेगूसराय जिलाध्यक्ष नंद लाल राय, पूर्व विधान परिषद सदस्य रुदल राय, भूमिपाल राय, जदयू महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष लक्ष्मी कुमारी सहित जदयू के अनेक नेता, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित थीं। कार्यक्रम के दौरान ‘जीविका के 20 साल बेमिसाल’ का संदेश महिलाओं के बीच प्रमुखता से गूंजता रहा और महिला सशक्तीकरण को बिहार के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला के रूप में रेखांकित किया गया।
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