
पंचायत प्रतिनिधियों को मिले सभी संवैधानिक अधिकार : कृष्णा कुमारी यादव… नए परिसीमन के आधार पर पंचायत चुनाव कराने के निर्णय पर मुख्यमंत्री के प्रति पंचायत प्रतिनिधियों ने जताया आभार
पंचायत प्रतिनिधियों को मिले सभी संवैधानिक अधिकार : कृष्णा कुमारी यादव... नए परिसीमन के आधार पर पंचायत चुनाव कराने के निर्णय पर मुख्यमंत्री के प्रति पंचायत प्रतिनिधियों ने जताया आभार…
मधेपुरा/सहरसा / कौशी एक्सप्रेस/ बिहार सरकार द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए नए परिसीमन के आदेश के बाद पूरे बिहार में पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रथम चरण में छपरा, सीवान एवं गोपालगंज, द्वितीय चरण में गया एवं बेगूसराय तथा तृतीय चरण में मधेपुरा एवं सहरसा जिले में कार्यक्रम आयोजित किए गए। मालूम हो कि कार्यक्रम का आयोजन जिला परिषद संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुमारी यादव, मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय एवं सरपंच संघ के अध्यक्ष आमोद निराला के नेतृत्व में किया जा रहा है।
मधेपुरा एवं सहरसा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद संघ की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने कहा कि बिहार के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को अन्य राज्यों की तरह सभी संवैधानिक एवं अधिकारिक हक मिलने चाहिए। अधिकारों और क्षेत्राधिकार की सीमाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों का विकास अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकार एवं परिसीमन को लेकर उनकी लड़ाई वर्ष 2011 से लगातार जारी है। पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सरकार एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नए परिसीमन के आधार पर पंचायत चुनाव कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए बिहार की ग्रामीण जनता एवं त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है। कृष्णा कुमारी यादव ने कहा कि नए परिसीमन के आधार पर चुनाव होने से पंचायत, वार्ड, पंचायत समिति एवं जिला परिषद के क्षेत्रों का आकार अपेक्षाकृत छोटा होगा। इससे पंचायत प्रतिनिधियों के लिए ग्रामीणों तक पहुंचना आसान होगा और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि केवल नए परिसीमन से ही पंचायत प्रतिनिधियों की मांग पूरी नहीं होगी। बिहार पंचायत राज अधिनियम एवं संविधान के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक दस वर्ष में जनगणना के आधार पर क्षेत्रों का परिसीमन किया जाना चाहिए। इसके साथ ही ओबीसी आयोग का गठन कर पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण की प्रक्रिया भी पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि संघ की मांग है कि पंचायतों में पिछड़ा, अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति एवं महिलाओं की भागीदारी और अधिक बढ़े। जनसंख्या बढ़ने के साथ प्रतिनिधित्व में भी स्वाभाविक रूप से वृद्धि होनी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समाज के सभी वर्गों की पर्याप्त भागीदारी सुनिश्चित हो सके। मधेपुरा एवं सहरसा में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी पर कृष्णा कुमारी यादव ने सभी प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकार एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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