
सख्त परीक्षा व्यवस्था से निकलेंगे योग्य नर्स, पैरामेडिकल और डॉक्टर : डॉ. विवेकानंद…शिक्षक दिवस पर परीक्षा सुधार की पहल पर जताई खुशी, कहा—गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए
सख्त परीक्षा व्यवस्था से निकलेंगे योग्य नर्स, पैरामेडिकल और डॉक्टर : डॉ. विवेकानंद…शिक्षक दिवस पर परीक्षा सुधार की पहल पर जताई खुशी, कहा—गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए
खगड़िया /कौशी एक्सप्रेस/ शिक्षक दिवस के अवसर पर श्याम लाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज एवं शहीद प्रभु नारायण मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल के निदेशक डॉ. एस विवेकानंद ने स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में परीक्षा व्यवस्था को सख्त और पारदर्शी बनाने की पहल पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए सबसे जरूरी है कि नर्सिंग, पैरामेडिकल और मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर मजबूत हो।
डॉ. विवेकानंद ने कहा कि स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलाधिपति एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के नेतृत्व में नर्सिंग, पैरामेडिकल एवं मेडिकल परीक्षाओं को लेकर जिस तरह सख्ती और पारदर्शिता बरती गई है, वह स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के सफल नहीं होने से यह स्पष्ट होता है कि अब केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि विद्यार्थियों को विषय का वास्तविक ज्ञान और व्यावहारिक दक्षता हासिल करनी होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था का उद्देश्य किसी विद्यार्थी को परेशान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि जो विद्यार्थी स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आएं, वे अपने पेशे की जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हों। डॉ. विवेकानंद ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यदि इसी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सख्त परीक्षा व्यवस्था आगे भी जारी रही तो योग्य नर्स, योग्य पैरामेडिकल कर्मी, योग्य एमबीबीएस चिकित्सक और एमडी विशेषज्ञ तैयार होंगे। ये स्वास्थ्यकर्मी आगे चलकर देश और समाज की बेहतर तरीके से सेवा करेंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा सीधे मानव जीवन से जुड़ी हुई है। इसलिए इस क्षेत्र में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। एक योग्य डॉक्टर के साथ-साथ प्रशिक्षित नर्स और दक्ष पैरामेडिकल स्टाफ भी बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। मालूम हो कि जारी परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के असफल होने के बाद छात्रों द्वारा कॉलेज परिसर और सड़क पर विरोध-प्रदर्शन किए जाने का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परिणाम को लेकर छात्रों की अपनी चिंताएं हो सकती हैं, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से परीक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी कमियों को पहचानकर आगे और बेहतर तैयारी करनी चाहिए।
डॉ. विवेकानंद ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का काम नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक और बेहतर पेशेवर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेष रूप से चिकित्सा शिक्षा में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, क्योंकि उनके मार्गदर्शन से तैयार होने वाले विद्यार्थी भविष्य में हजारों-लाखों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़े निर्णय लेते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के कुलाधिपति, कुलपति, रजिस्ट्रार तथा परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों को परीक्षा प्रणाली में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर देने के लिए हार्दिक बधाई दी और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में बिहार से देश को बड़ी संख्या में योग्य, दक्ष और जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी मिलेंगे।
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