29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह… बिहार में सहकारिता आयोग गठन को लेकर केंद्र सरकार से पहल की मांग : दीपक कुमार 

29 जून से 6 जुलाई तक सहकारिता सप्ताह… बिहार में सहकारिता आयोग गठन को लेकर केंद्र सरकार से पहल की मांग : दीपक कुमार

मुंगेर/ कौशी एक्सप्रेस/ सहकारिता सप्ताह के अवसर पर बिहार में स्वतंत्र राज्य स्तरीय सहकारिता आयोग के गठन की मांग तेज हो गई है। भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ, मुंगेर के जिला संयोजक एवं सहकार भारती के सह-प्रदेश प्रमुख (विधि प्रकोष्ठ) दीपक कुमार ने केंद्र सरकार से बिहार सहित अन्य राज्यों में सहकारिता आयोग के गठन की दिशा में आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा 6 जुलाई 2021 को Ministry of Cooperation (सहकारिता मंत्रालय) की स्थापना “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से की गई थी। मंत्रालय का उद्देश्य देश में सहकारी समितियों के विकास को नई गति देना तथा सहकारी क्षेत्र के लिए अलग प्रशासनिक, कानूनी और नीतिगत ढांचा तैयार करना है।
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार 29 जून 2026 से 6 जुलाई 2026 तक पूरे Bihar में सहकारिता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान आम लोगों के बीच सहकारिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।
दीपक कुमार ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मूल सोच है कि गांवों का विकास सहकारिता के माध्यम से संभव है। इससे ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन और पारदर्शी प्रशासन को मजबूती मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि बिहार जैसे कृषि प्रधान राज्य में सहकारिता केवल प्रशासनिक विषय नहीं बल्कि आर्थिक समावेशन, सामूहिक उन्नति और ग्रामीण विकास का मजबूत माध्यम है। ऐसे में राज्य में सहकारी संस्थाओं के प्रभावी संचालन, निर्वाचन, निरीक्षण, शिकायत निपटारा और जन जागरूकता के लिए एक स्वतंत्र सहकारिता आयोग की आवश्यकता है।
प्रस्तावित आयोग के गठन से सहकारी समितियों तक किसानों और ग्रामीणों की आसान पहुंच सुनिश्चित होगी। साथ ही निबंधन, विनियमन, शिकायत निपटारा, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, कंप्यूटरीकरण, आधुनिकीकरण तथा पंचायत स्तर तक सहकारी संरचना को मजबूत किया जा सकेगा। इससे एम-पैक्स, डेयरी, मत्स्य, कृषि आधारित समितियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को भी गति मिलेगी।
दीपक कुमार ने कहा कि आयोग बनने से लालफीताशाही कम होगी, ग्रामीण किसानों और वंचित वर्गों की शिकायतों का त्वरित समाधान संभव होगा तथा छोटे किसानों, महिला उद्यमियों और ग्रामीण उत्पादकों को ऋण एवं संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी।
उन्होंने अंत में में कहा कि सहकारिता आयोग के गठन से बिहार में सहकारी सुशासन, पारदर्शिता, ग्रामीण विकास और वित्तीय समावेशन की मजबूत नींव तैयार होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बिहार सहित अन्य राज्यों में भी सहकारिता आयोग गठन की प्रक्रिया शुरू की जाए या केंद्र स्तर पर एक तकनीकी सेल गठित किया जाए, जो केंद्र और राज्यों के बीच योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी कर सके।

 

विधिक अस्वीकरण (Disclaimer):
कौशी एक्सप्रेस समाचार पत्र/पोर्टल में प्रकाशित अथवा प्रसारित समाचार, विज्ञप्ति, लेख एवं सूचनाएँ संबंधित संस्थान, संगठन, व्यक्ति अथवा अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति, दस्तावेज़ अथवा जानकारी के आधार पर प्रकाशित/प्रसारित की जाती हैं। उक्त सामग्री में वर्णित तथ्यों, दावों, कथनों एवं विचारों की सत्यता, वैधता एवं संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित प्रेषक का होगा। संपादक, प्रकाशक अथवा संस्थान किसी भी प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष कानूनी दायित्व हेतु उत्तरदायी नहीं होंगे। आवश्यकतानुसार संपादक/प्रकाशक को संशोधन, संक्षेपण, निरस्तीकरण अथवा प्रकाशन अस्वीकार करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रहेगा।
नोट: इस प्रकाशन/प्रसारण से उत्पन्न किसी भी विवाद अथवा कानूनी कार्यवाही हेतु क्षेत्राधिकार केवल खगड़िया व्यवहार न्यायालय तथा पटना उच्च न्यायालय को ही मान्य होगा।

नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
*

 

 

 

Live Share Market

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...

Related Articles

Back to top button
Close
Close