
“गंगा मइया अब तो दया करो”…उपवास व पूजन के बीच छलका कटाव पीड़ितों का दर्द… माथार घाट पर राजनीतिक-सामाजिक संगठनों संग उमड़ा जनसैलाब… सरकार से 14 किमी तटबंध निर्माण की उठी मांग
“गंगा मइया अब तो दया करो”…उपवास व पूजन के बीच छलका कटाव पीड़ितों का दर्द… माथार घाट पर राजनीतिक-सामाजिक संगठनों संग उमड़ा जनसैलाब… सरकार से 14 किमी तटबंध निर्माण की उठी मांग
खगड़िया /कौशी एक्सप्रेस/ आज 31 मार्च 2026 को रहीमपुर दक्षिणी पंचायत के माथार नाव घाट पर गंगा कटाव रोकने के उद्देश्य से गंगा पूजन सह एक दिवसीय उपवास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत के भूतपूर्व सरपंच शिवनंदन यादव ने की, जबकि मंच संचालन रामपुर गोगरी के मुखिया कृष्णानंद यादव ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में हजारों महिलाओं ने गंगा पूजन कर मां गंगा से प्रार्थना की कि वे क्षेत्र में हो रहे कटाव को रोकें और गांव, घर-परिवार एवं खेत-खलिहान की रक्षा करें। इस दौरान पूरे वातावरण में आस्था और पीड़ा दोनों का भाव स्पष्ट रूप से देखा गया।
कटाव पीड़ित परिवारों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि दियारा क्षेत्र को बचाने के लिए शीघ्र 14 किलोमीटर लंबे बंडाल (तटबंध) का निर्माण कराया जाए, जिससे खगड़िया, बेगूसराय और मुंगेर जिलों के रघुनाथपुर, टिकारामपुर, मध्य रहीमपुर, उत्तरी रहीमपुर एवं दक्षिणी रहीमपुर पंचायतों के गांव और कृषि भूमि को गंगा कटाव से बचाया जा सके।
सभा को संबोधित करते हुए इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए, अन्यथा एक बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कटाव पीड़ितों की सुरक्षा और राहत के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।


आंदोलन के नेतृत्वकर्ता नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि किसी भी आंदोलन की सफलता उसकी विचारधारा पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि अहिंसक आंदोलन ही सफल होते हैं—चाहे वह आजादी की लड़ाई हो, जयप्रकाश आंदोलन हो या अन्ना हजारे का आंदोलन। उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
राजद जिलाध्यक्ष मनोहर यादव ने अपने संबोधन में कहा कि हम सभी को मिलकर गंगा कटाव जैसी गंभीर समस्या के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार ठोस और स्थायी समाधान नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने सभी प्रभावित परिवारों से अपील की कि वे इस आंदोलन को मजबूत बनाएं, ताकि दियारा क्षेत्र, गांव और किसानों की जमीन को सुरक्षित रखा जा सके।
इस आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से जनार्दन यादव, राजद जिलाध्यक्ष मनोहर यादव, जदयू नेता सुमित कुमार चौधरी, सुभाष चंद्र जोशी, संजय यादव, पैक्स अध्यक्ष उमेश प्रसाद सिंह, पूर्व प्रधानाचार्य ललित चौधरी, किसान नेता पांडव यादव, पूर्व मुखिया मक्खन साह, योगेंद्र प्रसाद यादव, आशुतोष यादव, बबलू यादव, उमेश यादव, सरजू यादव, नागो यादव, सूर्यनारायण यादव, अधिवक्ता गोपाल मंडल, शंकर यादव, पंचायत समिति सदस्य देवन यादव, सिंटू पासवान, प्रफुलचंद्र घोष, अरविंद यादव, साहब यादव, शशि पासवान, उदय, प्रमोद यादव सहित हजारों ग्रामीण उपस्थित रहे।
अंत में सभी नेताओं एवं ग्रामीणों ने गंगा मां को साक्षी मानकर संकल्प लिया कि जब तक गंगा कटाव का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा और वे तन, मन एवं धन से इस संघर्ष में जुड़े रहेंगे।
नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
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