
खगड़िया में पहली बार सफल घुटना प्रत्यारोपण, 10 साल से चलने में असमर्थ मरीज को श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज में मिली नई जिंदगी, डॉक्टरों ने रचा इतिहास
खगड़िया में पहली बार सफल घुटना प्रत्यारोपण …10 साल से चलने में असमर्थ मरीज को श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज में मिली नई जिंदगी… डॉक्टरों ने रचा इतिहास…
खगड़िया /कौशी एक्सप्रेस/ जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। एनएच-31 परमानंद स्थित श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज सह शहीद प्रभु नारायण मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में हड्डी विभाग की टीम ने घुटने का सफल प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) कर नया इतिहास रच दिया है।
प्राप्त सूचनानुसार मरीज बच्चन मंडल, जो मानसी प्रखंड के ठाठा निवासी हैं, पिछले 10 वर्षों से चलने-फिरने में असमर्थ थे। उनके घुटने का सफल ऑपरेशन कर उन्हें नई जिंदगी देने का काम अस्पताल के चिकित्सकों ने किया है। बताया जा रहा है कि खगड़िया जिले में इस तरह का यह पहला बड़ा और जटिल ऑपरेशन है।
इस जटिल सर्जरी को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीतम, डॉ. अमर सत्यम, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. दीपक के साथ ओटी असिस्टेंट सरोज, पंकज एवं अखिलेश की टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
सबसे खास बात यह रही कि यह ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरी तरह निशुल्क किया गया, जबकि निजी अस्पतालों में इस तरह के ऑपरेशन पर सामान्यतः 5 से 10 लाख रुपये तक का खर्च आता है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि खगड़िया जिले की जनता ने वर्ष 2006 में जिस बेहतर चिकित्सा सुविधा का सपना देखा था, वह अब धीरे-धीरे साकार होता नजर आ रहा है। मेडिकल क्षेत्र में जिला अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. स्वामी विवेकानंद ने कहा कि यह खगड़िया जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। हमारा उद्देश्य है कि जिले के लोगों को बड़े शहरों की तरह यहां भी बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो। आयुष्मान योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क इलाज देना हमारी प्राथमिकता है। आने वाले समय में और भी जटिल ऑपरेशन यहीं सफलतापूर्वक किए जाएंगे। इस उपलब्धि पर डॉ. रीना कुमारी रुबी ने भी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह खगड़िया के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
अस्पताल प्रबंधन ने आम जनता से अपील की है कि वे स्थानीय स्तर पर उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं पर भरोसा करें और बेहतर इलाज के लिए अस्पताल को सेवा का अवसर दें।
नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
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