
खगड़िया: BUIDCO के नाला निर्माण पर ज्योतिष मिश्रा ने जताई आपत्ति… SDM की अगुवाई में प्रशासनिक जांच…कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में निर्माणाधीन नाले का संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण… लेवल और गुणवत्ता की होगी दोबारा जांच
खगड़िया: BUIDCO के नाला निर्माण पर ज्योतिष मिश्रा ने जताई आपत्ति… SDM की अगुवाई में प्रशासनिक जांच…कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में निर्माणाधीन नाले का संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण… लेवल और गुणवत्ता की होगी दोबारा जांच
खगड़िया /कौशी एक्सप्रेस/ नगर परिषद खगड़िया क्षेत्र के कचहरी रोड एवं सोनमंखी-गौशाला रोड में BUIDCO द्वारा कराए जा रहे निर्माणाधीन नाला कार्य को लेकर उठाए गए तकनीकी सवालों के बाद शुक्रवार (2 अक्टूबर) को प्रशासनिक स्तर पर स्थल निरीक्षण किया गया। नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा की शिकायत एवं लगातार उठाए जा रहे मुद्दों के बाद हुई इस जांच की अध्यक्षता SDM धनंजय कुमार ने की। निरीक्षण के दौरान पुल निगम के कार्यपालक अभियंता, RCD के कार्यपालक अभियंता तथा नगर परिषद खगड़िया की कार्यपालक पदाधिकारी सिन्धु कमल समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। संयुक्त टीम ने दोनों निर्माणाधीन नालों की स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान नाले के लेवल, एलाइनमेंट, निर्माण गुणवत्ता, कंक्रीट एवं क्यूरिंग प्रक्रिया सहित विभिन्न तकनीकी पहलुओं को देखा गया। अधिकारियों ने स्थल की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए निर्माण कार्य से संबंधित तकनीकी बिंदुओं की जांच की।
क्यूरिंग को लेकर भी उठे सवाल
ज्योतिष मिश्रा ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर निर्धारित अवधि के अनुरूप क्यूरिंग नहीं की जा रही है। उनके अनुसार, जहां पर्याप्त अवधि तक क्यूरिंग आवश्यक है, वहां कुछ स्थानों पर मात्र एक-दो दिन में ही क्यूरिंग किए जाने की स्थिति सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि तकनीकी जांच में यह आरोप प्रमाणित होता है तो इससे कंक्रीट की मजबूती एवं निर्माण की दीर्घकालिक गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, क्यूरिंग की वास्तविक स्थिति एवं निर्माण मानकों के अनुपालन की अंतिम पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही होगी।
वाइब्रेशन और हनीकॉम्बिंग को लेकर आपत्ति
निरीक्षण के दौरान कंक्रीट में वाइब्रेशन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए। ज्योतिष मिश्रा का आरोप है कि कुछ स्थानों पर वाइब्रेटर का समुचित उपयोग नहीं किए जाने के कारण कंक्रीट में हनीकॉम्बिंग अथवा छेद जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि नाला लंबे समय के लिए बनाया जा रहा है, इसलिए निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है। उनका कहना है कि केवल सतही मरम्मत के बजाय निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए।
एलाइनमेंट और लेवल को लेकर भी सवाल
नाले के एलाइनमेंट को लेकर भी ज्योतिष मिश्रा ने आपत्ति जताई। उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर नाला सीधी लाइन में नहीं दिखाई दे रहा है तथा अलग-अलग स्थानों पर इसकी ऊंचाई और गहराई में अंतर नजर आ रहा है। उन्होंने नाले के सड़क एवं जमीन के स्तर से संबंधित तकनीकी स्थिति की भी जांच की मांग की। स्थल निरीक्षण के बाद अब दोनों नालों के लेवल, ढलान, गहराई, ऊंचाई, एलाइनमेंट एवं निर्माण गुणवत्ता की दोबारा तकनीकी जांच किए जाने की बात सामने आई है।
दोबारा होगी लेवल और क्वालिटी की जांच
प्रशासनिक स्तर पर हुई जांच के बाद निर्माण कार्य की तकनीकी स्थिति को और स्पष्ट करने के लिए पुनः लेवल एवं क्वालिटी जांच की जाएगी। इसमें नाले की ढलान, ऊंचाई-गहराई, एलाइनमेंट, कंक्रीट की गुणवत्ता तथा स्वीकृत प्राक्कलन एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य होने की स्थिति की जांच की जाएगी। इस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप हो रहा है या नहीं।
BUIDCO के अभियंताओं और संवेदक की भूमिका पर भी उठाए सवाल
पूरे मामले को लेकर ज्योतिष मिश्रा ने BUIDCO के कनीय अभियंता, सहायक अभियंता एवं संबंधित संवेदक की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में कथित तकनीकी लापरवाही के लिए संबंधित अभियंताओं एवं संवेदक की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसकी वास्तविक स्थिति प्रशासनिक एवं तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
“सरकारी राशि से बनने वाला नाला मजबूत और टिकाऊ होना चाहिए”
ज्योतिष मिश्रा ने कहा कि उनका उद्देश्य विकास कार्य को रोकना नहीं, बल्कि सरकारी राशि से बनने वाले नाले की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान ही तकनीकी खामियां सामने आ जाएं तो उन्हें समय रहते ठीक किया जा सकता है। निर्माण पूरा होने के बाद समस्या सामने आने पर सुधार के लिए दोबारा सरकारी राशि खर्च होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा मामले का संज्ञान लेकर स्थल जांच कराने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि अब होने वाली विस्तृत लेवल एवं गुणवत्ता जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने मांग की कि यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाए।
लोक शिकायत निवारण में भी पहुंचा मामला
उक्त नाला निर्माण में कथित अनियमितता एवं गुणवत्ता से जुड़े मामले को लेकर वरिष्ठ पत्रकार आर.एम.पी. मधुर ने भी जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में मामला दर्ज कराया है। उन्होंने निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता, लेवल एवं एलाइनमेंट की निष्पक्ष जांच कराकर यदि अनियमितता प्रमाणित हो तो नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
विधिक अस्वीकरण (Disclaimer):
कौशी एक्सप्रेस समाचार पत्र/पोर्टल में प्रकाशित अथवा प्रसारित समाचार, विज्ञप्ति, लेख एवं सूचनाएँ संबंधित संस्थान, संगठन, व्यक्ति अथवा अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति, दस्तावेज़ अथवा जानकारी के आधार पर प्रकाशित/प्रसारित की जाती हैं। उक्त सामग्री में वर्णित तथ्यों, दावों, कथनों एवं विचारों की सत्यता, वैधता एवं संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित प्रेषक का होगा। संपादक, प्रकाशक अथवा संस्थान किसी भी प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष कानूनी दायित्व हेतु उत्तरदायी नहीं होंगे। आवश्यकतानुसार संपादक/प्रकाशक को संशोधन, संक्षेपण, निरस्तीकरण अथवा प्रकाशन अस्वीकार करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रहेगा।
नोट: इस प्रकाशन/प्रसारण से उत्पन्न किसी भी विवाद अथवा कानूनी कार्यवाही हेतु क्षेत्राधिकार केवल खगड़िया व्यवहार न्यायालय तथा पटना उच्च न्यायालय को ही मान्य होगा।
नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
*





