खगड़िया: जिला आपदा प्रबंधन की बैठक में मंत्री के समक्ष जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे … श्रीनगर छर्रापट्टी से अगुवानी घाट तक हो रिंग बांध का निर्माण…

खगड़िया: जिला आपदा प्रबंधन की बैठक में मंत्री के समक्ष जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे … श्रीनगर छर्रापट्टी से अगुवानी घाट तक हो रिंग बांध का निर्माण…

खगड़िया/ कौशी एक्सप्रेस/ आज जिला समाहरणालय के सभागार में आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री श्री रत्नेश सदा की अध्यक्षता में जिले में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच खाद्य सामग्री, पशु चारा और शुद्ध पेयजल के वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष सह बिहार प्रदेश अध्यक्ष संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुमारी यादव ने जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित पंचायतों के गांवों में बाढ़ राहत, सामुदायिक रसोई, राहत शिविर, सूखा राहत, पशु चारा, भूसा, शुद्ध पेयजल और यातायात के लिए छोटी नावों के परिचालन पर संतोष व्यक्त किया गया। इसके अलावा दक्षिण रहीमपुर पंचायत के माथार , सोसायटी टोला मध्य रहीमपुर के चमनटोल ,मोरकाही , ननकूमंडल टोल ,बाबाटोल, तारतार, उत्तरी रहीमपुर के पंचखूटी , चारखूंटी कुमार चक्की,सोनबरसा, नयाटोल मानसी प्रखंड के मटिहानी, बख्तियारपुर ,जालिम बाबू टोल , गोगरी प्रखंड के चैधा बन्नी , भदलय, झिटकीया बोरना, लतामबाडी,रामपुर भूरिया दीया, कटघरा एवं परबत्ता प्रखंड के माधवपुर नयागांव, सलारपुर ,भरसो आदि सभी प्रभावित गांवों को बाढ़ प्रभावित गांव घोषित कर विशेष रूप से पैकेज दिया जाए और 15-15 दिनों के राहत सामग्री उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने आपदा प्रबंधन मंत्री श्री रत्नेश सदा को बताया कि गंगा और कोसी नदी के किनारे बसे गांवों की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान हेतु उनके स्तर से सरकार को कई बार पत्राचार किया गया है। दक्षिणी रहीमपुर पंचायत के माथार में बोल्डर बंडाल निर्माण सहित बेगूसराय-खगड़िया सीमा से श्रीनगर छर्रापट्टी अगुवानी घाट तक गंगा किनारे 45 किलोमीटर की लंबाई के लिये रिंग बांध बनाने का प्रस्ताव बदला करांची के तर्ज पर सरकार को भेजा जाय । इसके निर्माण से गांवों के साथ-साथ इस क्षेत्र की उपजाऊ भूमि को भी कटाव से बचाया जा सकेगा। इस भूमि पर लगभग 45 हजार हेक्टेयर में खेती होती है। प्रत्येक 10 वर्षों में कट जाता है जिसे कटाव से बचाया जा सकता है जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि की जा सकती है।
वहीं, कमला, कोसी और काली कोसी नदी के किनारे बसे अलौली, खगड़िया, मानसी, चौथम, गोगरी और बेलदौर प्रखंडों के गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए नदी के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में मुख्य रूप से कमला कोसी के उत्तर पार अलौली प्रखंड के बोहरबा ,परास से होते हुए रासौक ,अमनी सैदपुर लालपुर, आगरहण ,तेलीहार , बारुण , इत्मादि, सहरौन, लौंगा, फुलवरिया ,पौड़ा और वीरबास के सभी कटाव स्थल पर बोल्डर बंडाल तैयार किया जाय क्योंकि इस क्षेत्र में 2.5 लाख हेक्टेयर मुख्य रूप से मक्का की खेती होती है। मक्का उत्पादन के क्षेत्र में खगड़िया एशिया महाद्वीप में प्रथम स्थान रखता है। बोल्डर बंडाल लगने से इस क्षेत्र में कटाव राहत मिलेगी जिससे कि इस गौरव को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इस संबंध में आपदा प्रबंधन मंत्री और जिला पदाधिकारी श्री विक्रम वीरकर ने जिला परिषद अध्यक्ष को विस्तृत लिखित आवेदन देने का सुझाव दिया, ताकि प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा जा सके। जिला परिषद अध्यक्ष ने बताया कि अभ्यावेदन विस्तृत रूप से तैयार किया जा रहा है।

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