खगड़िया: जलस्तर घटा, खतरा अभी बरकरार…डीएम विक्रम विरकर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की…

खगड़िया: जलस्तर घटा, खतरा अभी बरकरार…डीएम विक्रम विरकर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की

खगड़िया/ कौशी एक्सप्रेस/ जिले में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल रहे हैं तथा विभिन्न क्षेत्रों में जलस्तर में कमी दर्ज की जा रही है। हालांकि, जलस्तर घटने के बावजूद खतरा पूरी तरह टला नहीं है। जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से विशेष सावधानी एवं सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पानी कम होने के बाद जल्दबाजी में जलमग्न अथवा क्षतिग्रस्त क्षेत्रों की ओर न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

जिलाधिकारी विक्रम विरकर के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। जिले के खगड़िया, परबत्ता, गोगरी एवं मानसी अंचलों के 20 से अधिक पंचायतों एवं शहरी निकाय क्षेत्रों में बाढ़ का प्रभाव रहा है। इससे कुल 37,955 परिवारों की 1,63,159 आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए जिले में 02 बाढ़ राहत केंद्र एवं 50 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 2,77,850 लोगों को गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा 28,088 पॉलीथीन शीट्स तथा 7,176 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था के लिए 166 नए चापाकल एवं 127 अस्थायी शौचालय स्थापित किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 59 दैनिक स्वास्थ्य केंद्र सक्रिय हैं तथा मरीजों को जलमग्न क्षेत्रों से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए 08 विशेष बोट एंबुलेंस तैनात हैं। बेलदौर, गोगरी, खगड़िया, मानसी एवं परबत्ता में आवागमन और बचाव कार्य के लिए कुल 166 सरकारी एवं अधिग्रहित नावों का परिचालन किया जा रहा है।

पानी घटने के बाद भी बरतें सावधानी

डीएम विक्रम विरकर ने लोगों से अपील की है कि जलस्तर घटने के दौरान भी तेज बहाव वाले नालों, नदियों एवं जलमग्न रास्तों को पार करने का प्रयास न करें। क्षतिग्रस्त सड़क, पुल-पुलिया एवं तटबंध के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचें। पानी के संपर्क में आए बिजली के पोल, तार एवं विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें तथा बच्चों को गहरे पानी और जलजमाव वाले स्थानों से दूर रखें। राहत शिविरों से घर लौटने वाले परिवार प्रशासन की सलाह एवं स्थानीय स्थिति का आकलन करने के बाद ही वापस लौटें। घर में प्रवेश करने से पहले भवन की स्थिति की जांच करें तथा दूषित पानी के सेवन से बचें।

डीएम विक्रम विरकर के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की 24 घंटे सतत निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारी अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा गया है।

विधिक अस्वीकरण (Disclaimer):
कौशी एक्सप्रेस समाचार पत्र/पोर्टल में प्रकाशित अथवा प्रसारित समाचार, विज्ञप्ति, लेख एवं सूचनाएँ संबंधित संस्थान, संगठन, व्यक्ति अथवा अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति, दस्तावेज़ अथवा जानकारी के आधार पर प्रकाशित/प्रसारित की जाती हैं। उक्त सामग्री में वर्णित तथ्यों, दावों, कथनों एवं विचारों की सत्यता, वैधता एवं संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित प्रेषक का होगा। संपादक, प्रकाशक अथवा संस्थान किसी भी प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष कानूनी दायित्व हेतु उत्तरदायी नहीं होंगे। आवश्यकतानुसार संपादक/प्रकाशक को संशोधन, संक्षेपण, निरस्तीकरण अथवा प्रकाशन अस्वीकार करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रहेगा।
नोट: इस प्रकाशन/प्रसारण से उत्पन्न किसी भी विवाद अथवा कानूनी कार्यवाही हेतु क्षेत्राधिकार केवल खगड़िया व्यवहार न्यायालय तथा पटना उच्च न्यायालय को ही मान्य होगा।

नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
*

 

 

Live Share Market

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...

Related Articles

Back to top button
Close
Close