खगड़िया: एक्शन मोड में जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव… नल-जल योजना को लेकर सख्त…ठप योजनाओं का होगा भौतिक सत्यापन, सात दिनों में जलापूर्ति बहाल करने का निर्देश

खगड़िया: एक्शन मोड में जिप अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव… नल-जल योजना को लेकर सख्त…ठप योजनाओं का होगा भौतिक सत्यापन, सात दिनों में जलापूर्ति बहाल करने का निर्देश

खगड़िया/ कौशी एक्सप्रेस/ जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा कुमारी यादव ने गुरुवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में बीते 01 सितंबर को आयोजित सहयोग शिविर में प्राप्त शिकायतों के आधार पर जिले में संचालित नल-जल योजना की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने विशेष रूप से बेलदौर प्रखंड सहित संपूर्ण जिले में जहां-जहां नल-जल योजना का कार्य ठप है या लोगों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही है, वहां तत्काल जांच एवं सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मालूम हो कि जिला परिषद अध्यक्ष ने कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, खगड़िया को निर्देश दिया कि जिले में नल-जल योजना के क्रियान्वयन की जमीनी स्तर पर भौतिक सत्यापन कराया जाए। इसके तहत बेलदौर प्रखंड के साथ-साथ जिले की सभी पंचायतों एवं वार्डों में ऐसी योजनाओं को चिह्नित कर सूची तैयार की जाए, जहां किसी कारणवश जलापूर्ति बंद पड़ी है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में नल-जल योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही, तकनीकी खराबी अथवा रखरखाव के अभाव के कारण ग्रामीणों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

बंद बोरिंग, मोटर और लीकेज की तत्काल होगी मरम्मत

अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर बोरिंग, मोटर, पाइपलाइन, लीकेज या अन्य तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति बाधित है, वहां संबंधित सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को तत्काल स्थल पर भेजा जाए। अधिकारियों को मौके पर जाकर समस्या का आकलन करने और आवश्यक मरम्मत कराकर जलापूर्ति बहाल कराने का निर्देश दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी रिपोर्ट तैयार करने के बजाय अधिकारियों को वास्तविक स्थिति की जांच स्थल पर जाकर करनी होगी। खराब पड़ी योजनाओं की सूची तैयार करने के साथ-साथ उनके सुधार की प्रगति की भी निगरानी की जाएगी।

विद्युत कनेक्शन व मेंटेनेंस से जुड़ी समस्याओं पर एजेंसी को नोटिस

जिला परिषद अध्यक्ष ने यह भी निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर विद्युत कनेक्शन, बिजली आपूर्ति अथवा मेंटेनेंस (रखरखाव) की समस्या के कारण नल-जल योजना बंद है, वहां संबंधित एजेंसी अथवा संवेदक को तत्काल नोटिस जारी किया जाए। संबंधित एजेंसी को सात दिनों के भीतर जलापूर्ति बहाल करने का निर्देश देने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि योजना का निर्माण हो जाने के बाद उसका नियमित रखरखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यदि संवेदक या संबंधित एजेंसी की लापरवाही से लंबे समय तक ग्रामीणों को पानी नहीं मिल रहा है तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

पानी की गुणवत्ता की भी होगी जांच

श्रीमती कृष्णा कुमारी यादव ने नल-जल योजना के माध्यम से लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे पानी की गुणवत्ता की जांच कराने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों से रैंडम सैंपल लेकर प्रयोगशाला में पानी की शुद्धता की जांच कराई जाए। विशेष रूप से पानी में आर्सेनिक और आयरन की मात्रा की जांच कराने को कहा गया है, ताकि लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके। प्रयोगशाला दल को विभिन्न पंचायतों एवं वार्डों से नमूने एकत्र करने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

शिकायतों के त्वरित निष्पादन पर जोर

जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि सहयोग शिविर में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम जनता से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं की शिकायतों को लंबित न रखा जाए और समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि भौतिक सत्यापन के बाद तैयार सूची के आधार पर खराब एवं बंद योजनाओं की प्राथमिकता तय कर चरणबद्ध तरीके से मरम्मत एवं जलापूर्ति बहाल की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की रिपोर्ट प्राप्त कर योजनाओं की स्थिति की नियमित समीक्षा भी की जाए। जिला परिषद अध्यक्ष के इन निर्देशों से उम्मीद है कि जिले के विभिन्न पंचायतों एवं वार्डों में लंबे समय से बंद या बाधित नल-जल योजनाओं को पुनः चालू कराने की दिशा में तेजी आएगी और ग्रामीणों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सकेगी।

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