बचपन प्ले स्कूल में धूमधाम से मनाया गया मातृ दिवस…बच्चों का जीवन बनाने में मां का बहुत बड़ा योगदान : पुष्पा कुमारी, एमडी 

बचपन प्ले स्कूल में धूमधाम से मनाया गया मातृ दिवस…

बच्चों का जीवन बनाने में मां का बहुत बड़ा योगदान : पुष्पा कुमारी, एमडी
खगड़िया/ कोशी एक्सप्रेस/ आज 13 मई को शहरके विभिन्न स्कूलों में मदर्स-डे मनाया गया। मदर डे के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रम के माध्यम से हमारे जीवन में मां का महत्व बताया गया। वहीं बचपन प्ले स्कूल  में भी मदर्स डे बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। छोटे बच्चों ने अपने हाथों से बने हुए ग्रीटिंग कार्ड अपनी मम्मी को दी और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। मां शब्द में न जाने कितने मतलब छिपे हैं त्याग की मूर्ति ममता की छवि और धरती पर ईश्वर का प्रतिरूप कुछ ऐसे ही विश्लेषण जो मन को दिए जाते हैं सच तो यह है कि इस मां की तारीफ में बयां करना मुश्किल नहीं नामुमकिन है। फिर भी उनके प्रति सम्मान को प्रदर्शित करने के लिए बचपन प्ले स्कूल खगड़िया का एक सार्थक प्रयास रहा है। हमारी परंपराओं में स्वर्ग सुख को मां के सानिध्य और प्रेम के आगे नगण्य माना गया है ।बचपन द्वारा आयोजित मातृ दिवस पर बच्चों को इसी भावना को समझाने का प्रयास किया गया। बचपन स्कूल के बच्चों की मां के लिए यहां खेल का भी आयोजन किया गया। स्कूल के प्रबंध निदेशक पुष्पा कुमारी ने कहा कि तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है ओ मां ओ मां! इस मदर्स डे को ममता के बंधन को मजबूत इन प्यार भरे संदेशों के साथ करना है मां वह है जो हमारे बारे में सब जानती है वह हमारे खामोशी को भी पहचानती है, मां एक शब्द ही नहीं ममता का एहसास है। स्कूल के निदेशक प्रद्युम्न कुमार ने कहा कि वैसे तो मां के लिए कोई भी एक दिन काफी नहीं है और ना ही किसी भाषा में किसी भी शब्द और किसी भी तरीके से मां के प्यार का या अपने बच्चों के लिए उनके बलिदान का शुक्रिया अदा किया जा सकता है, हालांकि मदर्स डे पर भगवान के उस रूप को यह एहसास जरूर दिलाया जा सकता है कि वह कितनी खास है या उनके बच्चे इस पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार बस उन्हीं से करते हैं । ऐसे में अगर इस मदर्स डे पर अपनी मां को यह एहसास करने के लिए ही बचपन प्ले स्कूल द्वारा मदर्स डे मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों की मां ने मिलकर केक काटे और एक दूसरे को केक खिलाकर हैप्पी मदर्स डे बोलकर अपने खास दिन का एहसास भी किया। पूरा बचपन प्ले स्कूल का परिसर स्कूल के बच्चों की माँ से भरा हुआ था और खास लग रहा था। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के टीचर तथा कोऑर्डिनेटर सुंदरम कुमार का भी अहम योगदान रहा।

 

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