
खगड़िया: लुसेंट इंटरनेशनल स्कूल छात्र मृत्यु मामले में पंकज मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
लुसेंट इंटरनेशनल स्कूल मामले में नामजद अभियुक्त पंकज मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत…
खगड़िया /कौशी एक्सप्रेस/ प्राप्त सूचनानुसार जिले के चर्चित लुसेंट इंटरनेशनल स्कूल छात्र मृत्यु मामले में नामजद अभियुक्त पंकज मिश्रा को माननीय सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत तथ्यों एवं अभिलेखों पर विचार करने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
जानकारी के अनुसार अलौली स्थित लुसेंट इंटरनेशनल स्कूल में एक छात्र की मृत्यु के बाद दर्ज मामले में पंकज मिश्रा को अभियुक्त बनाया गया था। वे लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में थे। सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से अधिवक्ता नितेश रंजन ने पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट में मृत्यु का कारण दम घुटना बताया गया है। बचाव पक्ष का यह भी कहना था कि रिपोर्ट में शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट अथवा संघर्ष के स्पष्ट निशान का उल्लेख नहीं है।
बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि घटना के समय विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं कर्मचारी मौजूद थे तथा जिस स्थान पर शव मिला था, उसकी परिस्थितियां भी जांच का विषय हैं। इसके अलावा अभियुक्त के विद्यालय में हाल ही में योगदान देने तथा मृतक से पूर्व परिचय नहीं होने संबंधी तथ्यों को भी अदालत के समक्ष रखा गया।
सुनवाई के दौरान जांच प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी बचाव पक्ष द्वारा सवाल उठाए गए। वहीं अभियोजन पक्ष ने मामले में अपने आरोपों एवं जांच के आधार पर पक्ष रखा।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उपलब्ध अभिलेखों एवं परिस्थितियों पर विचार करते हुए पंकज मिश्रा को जमानत देने का आदेश दिया।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार जमानत का आदेश किसी अभियुक्त को दोषमुक्त घोषित नहीं करता है। यह केवल मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक कानूनी राहत प्रदान करता है। मामले की सुनवाई निचली अदालत में आगे भी जारी रहेगी तथा अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर किया जाएगा।
विधिक अस्वीकरण (Disclaimer):
कौशी एक्सप्रेस समाचार पत्र/पोर्टल में प्रकाशित अथवा प्रसारित समाचार, विज्ञप्ति, लेख एवं सूचनाएँ संबंधित संस्थान, संगठन, व्यक्ति अथवा अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति, दस्तावेज़ अथवा जानकारी के आधार पर प्रकाशित/प्रसारित की जाती हैं। उक्त सामग्री में वर्णित तथ्यों, दावों, कथनों एवं विचारों की सत्यता, वैधता एवं संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित प्रेषक का होगा। संपादक, प्रकाशक अथवा संस्थान किसी भी प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष कानूनी दायित्व हेतु उत्तरदायी नहीं होंगे। आवश्यकतानुसार संपादक/प्रकाशक को संशोधन, संक्षेपण, निरस्तीकरण अथवा प्रकाशन अस्वीकार करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रहेगा।
नोट: इस प्रकाशन/प्रसारण से उत्पन्न किसी भी विवाद अथवा कानूनी कार्यवाही हेतु क्षेत्राधिकार केवल खगड़िया व्यवहार न्यायालय तथा पटना उच्च न्यायालय को ही मान्य होगा।
नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
*




