
बिहार के विकास का संकल्प लेकर बाबा बैद्यनाथ दरबार पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी…माथा टेककर लिया आशीर्वाद
बिहार के विकास का संकल्प लेकर बाबा बैद्यनाथ दरबार पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी…माथा टेककर लिया आशीर्वाद…
देवघर/ कौशी एक्सप्रेस/ आज रविवार को बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी झारखंड के प्रसिद्ध बैद्यनाथ धाम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गर्भगृह में प्रवेश कर बाबा बैद्यनाथ के ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक किया तथा विधिवत पूजा-अर्चना कर बिहार राज्य की समृद्धि, सुख-शांति एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। प्रशासन द्वारा आम श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना कुछ समय के लिए रोक दी गई थी। मुख्यमंत्री वीआईपी गेट से सीधे गर्भगृह तक पहुंचे, जिसके दौरान आम लोगों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई।
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ के आशीर्वाद से बिहार विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि बाबा के आशीर्वाद और जनता के सहयोग से राज्य तेज गति से प्रगति करेगा।
बैद्यनाथ धाम में दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बासुकीनाथ धाम भी पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा बासुकीनाथ पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
इसके बाद मुख्यमंत्री देवघर लौटकर सर्किट हाउस में कुछ समय विश्राम करेंगे तथा देर शाम पटना के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है, जिसमें उन्होंने बिहार के विकास, कल्याण और खुशहाली के लिए भगवान भोलेनाथ से आशीर्वाद मांगा।
विधिक अस्वीकरण (Disclaimer):
कौशी एक्सप्रेस समाचार पत्र/पोर्टल में प्रकाशित अथवा प्रसारित समाचार, विज्ञप्ति, लेख एवं सूचनाएँ संबंधित संस्थान, संगठन, व्यक्ति अथवा अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति, दस्तावेज़ अथवा जानकारी के आधार पर प्रकाशित/प्रसारित की जाती हैं। उक्त सामग्री में वर्णित तथ्यों, दावों, कथनों एवं विचारों की सत्यता, वैधता एवं संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित प्रेषक का होगा। संपादक, प्रकाशक अथवा संस्थान किसी भी प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष कानूनी दायित्व हेतु उत्तरदायी नहीं होंगे। आवश्यकतानुसार संपादक/प्रकाशक को संशोधन, संक्षेपण, निरस्तीकरण अथवा प्रकाशन अस्वीकार करने का पूर्ण अधिकार सुरक्षित रहेगा।
नोट: इस प्रकाशन/प्रसारण से उत्पन्न किसी भी विवाद अथवा कानूनी कार्यवाही हेतु क्षेत्राधिकार केवल खगड़िया व्यवहार न्यायालय तथा पटना उच्च न्यायालय को ही मान्य होगा।
नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
*




