
बिहार में पंचायतों का होगा नया परिसीमन, बढ़ेंगे वार्ड और जनप्रतिनिधि… गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार : कृष्णा कुमारी यादव
बिहार में पंचायतों का होगा नया परिसीमन, बढ़ेंगे वार्ड और जनप्रतिनिधि… गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार : कृष्णा कुमारी यादव
खगड़िया/ कौशी एक्सप्रेस/ जिला परिषद अध्यक्ष सह जिला परिषद अध्यक्ष संघ, बिहार की प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने बिहार सरकार द्वारा पंचायतों के नए परिसीमन संबंधी निर्णय पर खुशी जाहिर करते हुए इसे राज्य के ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह निर्णय वर्षों से त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधियों की बहुप्रतीक्षित मांग थी, जिसके लागू होने से पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और गांवों के विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अब तक बिहार में पंचायतों, वार्डों, पंचायत समिति एवं जिला परिषद क्षेत्रों का निर्धारण पुराने जनसंख्या मानकों पर आधारित था, जिससे क्षेत्रफल और जनसंख्या अधिक होने के कारण विकास योजनाओं का लाभ अपेक्षित रूप से नहीं मिल पा रहा था। इसके चलते केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं नीति आयोग से मिलने वाली विकास राशि भी सीमित रह जाती थी।
कृष्णा कुमारी यादव ने बताया कि बिहार सरकार ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत पंचायतों के पुनर्गठन का निर्णय लिया है। इसके अनुसार लगभग 7 हजार की जनसंख्या पर ग्राम पंचायत का गठन होगा, जबकि वर्तमान में कई पंचायतों की आबादी 15 से 20 हजार तक है। इसी तरह वार्डों का गठन भी कम आबादी के आधार पर किया जाएगा, जिससे आम लोगों को अपने जनप्रतिनिधियों तक पहुंचने में सुविधा होगी और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।
उन्होंने कहा कि नए प्रावधान के तहत पंचायत समिति सदस्य का निर्वाचन लगभग 5 हजार की जनसंख्या पर तथा जिला परिषद सदस्य का निर्वाचन लगभग 50 हजार की जनसंख्या पर होगा। इससे पंचायत प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ेगी, आरक्षण व्यवस्था के तहत सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा और विकास योजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।
जिप अध्यक्ष ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में बिहार में पंचायतों का क्षेत्र बड़ा होने के कारण विकास कार्य प्रभावित होते रहे हैं। नए परिसीमन से पंचायतों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ केंद्र एवं राज्य सरकार से मिलने वाली विकास राशि में भी वृद्धि होगी, जिससे गांवों में सड़क, नाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा।
उन्होंने बिहार सरकार एवं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने प्रदेश के सभी वर्तमान एवं संभावित जनप्रतिनिधियों तथा बिहार की जनता की ओर से मुख्यमंत्री और राज्य सरकार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
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