
खगड़िया: DR. विवेकानंद की मार्मिक अपील जनहित में…जलकौड़ा माड़र के अमनपसंद लोगों को वोट की राजनीतिक तहत गुमराह किया जा रहा है… इसे गंभीरता से समझने की जरुरत है…

खगड़िया: DR. विवेकानंद की मार्मिक अपील जनहित में…जलकौड़ा माड़र के अमनपसंद लोगों को वोट की राजनीतिक तहत गुमराह किया जा रहा है… इसे गंभीरता से समझने की जरुरत है…
खगडि़या/ कोशी एक्सप्रेस/ श्यामलाल चन्द्रशेखर पारा मेडिकल काॅलेज के संस्थापक सह निदेशक डा. विवेकानंद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते जलकौड़ा-माड़र गांव के बुद्धिजीवियों से अनुरोध किया है कि वे नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में जारी धरना समाप्त कर अपनी राष्ट्रभक्ति और शालीनता का परिचय दें। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए प्रताडि़तशरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान है, इस कानून से संपूर्ण भारत सहित जलकौड़ा-माड़र के किसी भी नागरिक को चाहे हिन्दु या मुस्लमान हो, किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने जा रही है। लेकिन देश में जगह जगह पर सिर्फ वोट की राजनीति के लिए खासकर मुसलमान भाई-बहनों को गुमराह कर हंगामा खड़ा किया जा रहा है।
मालूम हो कि देश की आजादी के लिए कुर्बान होने वालों में कभी मुसलमान पीछे नहीं रहें हैं। आज भी भारत की सीमाओं पर सभी धर्मों , जातियों, समुदायों और क्षेत्रों के वीर सैनिकों की शहादत कायम है। फिर यह कैसे कल्पना की जा सकती है कि इस कानून से किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय को ठेस पहुंच सकती है। एनआरसी और एनपीआर पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने देश के लोगों को बार-बार समझाया और बताया है कि भारत के किसी भी नागरिक को कभी आनेवाले कानून से समस्या पैदा नहीं होगी लेकिन दुर्भाग्य है कि लोग धरना प्रदर्शन में शामिल होकर अपना समय और उर्जा बर्वाद कर रहे हैं।
खगडि़या जिले के लोगों को हिंदू और मुस्लिम में बांटने की कोशिश नाकाम करने पर सभी लोगों को आगे आना चाहिए, नफरत के बीजों से नफरत ही पैदा होगी जो देश और समाज के लिए घातक होगा। डा. विवेकानंद ने विन्रमतापूर्वक हाथ जोड़कर अनुरोध किया है कि कम से कम खगडि़या की धरती को इस आग में झुलसने से बचाने का प्रयास सबको करना चाहिए।
संपूर्ण समाज सदियों से आपके सुख-दुख में भागी रहा है और आगे भी भागी बना रहेगा लेकिन देश हित में और खगडि़या के हित में आप इस आंदोलन को वापस ले लंे और संपूर्ण देश को यह संदेश दंे कि हर सुख और दुख में हमारा समाज एक है और एक रहेगा। खगडि़या में कोई बाहरी देश से आया हुआ मुस्लिम नहीं है सब के सब यहां के मूल निवासी हैं यह आपका घर है यहां किस बात का डर है और जो समाज सदियों से आपके साथ हैं वह भला आपका साथ क्यों छोड़ेगा ?
भाई, लेकिन आपके धरना का गलत संदेश जा रहा है। सुरक्षा या समृद्धि सरकार से ज्यादा समाज पर निर्भर है , ऐसा कोई काम नहीं करें जिससे समाज में गलत संदेश जाएं दोनों ही जगह शहीदों की धरती है… आप बेफिक्र होकर समाज के साथ रहें आपका कोई बाल बांका नहीं कर सकता और आपकी हर परेशानी में पूरा समाज आपके साथ रहेगा । जय हिंद जय भारत जय खगडि़या
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