
श्यामलाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. विवेकानंद ने कॉलेज परिसर में पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल
श्याम लाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. विवेकानंद ने कॉलेज परिसर में पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल…
खगड़िया/ कौशी एक्सप्रेस/ श्याम लाल चंद्रशेखर मेडिकल कॉलेज के संस्थापक सह निदेशक डॉ. विवेकानंद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि रविवार 11 जनवरी 2026 को लगभग अपराह्न 1:30 बजे खगड़िया में पदस्थापित महिला पुलिस अवर निरीक्षक (दरोगा) सना खातून द्वारा आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना से संबद्ध एवं बिहार सरकार से विधिवत मान्यता प्राप्त श्याम लाल चंद्रशेखर नर्सिंग/पैरामेडिकल कॉलेज परिसर में प्रवेश किया गया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार संबंधित महिला दरोगा ने कॉलेज अधीक्षक अथवा सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना सीधे महिला छात्रावास में प्रवेश कर एक कक्ष को अंदर से बंद किया तथा वहां निवासरत छात्राओं से कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया, जिससे छात्राओं को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। यह कृत्य विश्वविद्यालय की स्वायत्तता, संस्थागत नियमों एवं विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के प्रतिकूल बताया गया है।
डॉ. विवेकानंद ने कहा है कि उक्त घटना की सम्पूर्ण एवं तथ्यात्मक जानकारी आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय तथा महामहिम राज्यपाल, बिहार सहित संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखित रूप में अवगत करा दी गई है। समाचार लिखे जाने तक संबंधित महिला दरोगा द्वारा अपने उक्त कृत्य के संबंध में कोई विधिसम्मत कारण अथवा आदेश प्रस्तुत नहीं किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया है कि उक्त महिला दरोगा द्वारा डॉ. विवेकानंद को खुलेआम गिरफ्तारी की धमकी दी गई, जो कि विधि के शासन के विपरीत है और इससे कॉलेज प्रशासन, छात्राओं एवं अभिभावकों में भय का वातावरण उत्पन्न हुआ है।
डॉ. विवेकानंद ने स्पष्ट किया है कि इस मामले से संबंधित समस्त तथ्यों, दस्तावेजों एवं कानूनी पहलुओं को सार्वजनिक करने हेतु 12 जनवरी को अपराह्न 2:00 बजे कॉलेज परिसर में एक विधिवत प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी। इस संबंध में मीडिया द्वारा संबंधित पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, हालांकि समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।
नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
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