न्यायिक राहत : नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा सहित दर्जनों आरोपित जमानत पर रिहा…

न्यायिक राहत : नगर सभापति प्रतिनिधि ज्योतिष मिश्रा सहित दर्जनों आरोपित जमानत पर रिहा…खगड़िया /कौशी एक्सप्रेस/ प्राप्त सूचनानुसार गंगौर थाना कांड संख्या–14/026 एवं चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या–05/26 में माननीय व्यवहार न्यायालय, खगड़िया ने सुनवाई उपरांत एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए दर्जनों आरोपितों को जमानत प्रदान की। न्यायालय ने उपलब्ध अभिलेखों, केस डायरी, आरोपों की प्रकृति एवं अभियुक्तों की कथित भूमिका पर गहन विचार के पश्चात यह पाया कि प्रथम दृष्टया अभियोजन पक्ष के आरोप सशक्त एवं ठोस साक्ष्यों से समर्थित नहीं हैं।
न्यायालय के आदेश के अनुसार, बिना प्रत्यक्ष संलिप्तता एवं ठोस प्रमाण के आरोपितों को निरुद्ध रखना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर न्यायालय ने विवेकाधिकार का प्रयोग करते हुए सभी आवेदकों को खड़े-खड़े जमानत का लाभ प्रदान किया।
इन मामलों में जमानत पाने वालों में ज्योतिष मिश्रा (नगर सभापति प्रतिनिधि, नगर परिषद खगड़िया), रजनीकांत कुमार (जिला परिषद सदस्य, क्षेत्र संख्या–01), रविशंकर कुमार (भाजपा नेता), मनीष चौधरी (भाजपा जिला प्रवक्ता), हेमंत कुमार (राजद नेता), प्रवीण यादव (राजद नेता) सहित अन्य कई नाम शामिल हैं। न्यायालय के आदेश से यह स्पष्ट हुआ कि अभियोजन द्वारा लगाए गए आरोप न्यायिक कसौटी पर टिकने में असफल रहे।
उल्लेखनीय है कि एक अत्यंत संवेदनशील एवं भावनात्मक प्रकृति के मामले में सोशल मीडिया एवं परिस्थितिजन्य दबाव के बीच कुछ व्यक्तियों को प्राथमिक अभियुक्त के रूप में नामजद किया गया था। हालांकि, न्यायालय के समक्ष जब संपूर्ण तथ्यों एवं परिस्थितियों का विधिवत परीक्षण हुआ, तो अभियोजन की कहानी में गंभीर कमियां उजागर हुईं। कानूनी विशेषज्ञों का मत है कि यह आदेश उन मामलों में एक महत्वपूर्ण दृष्टांत है, जहाँ भावनात्मक वातावरण या बाहरी दबाव में आकर विधिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता है।
जमानत आदेश के पश्चात जिले में संतोष एवं राहत का माहौल देखा गया। मिथुन शर्मा, नवीन कुमार (कांग्रेस नेता), रवि सिंह राजपूत (भाजपा नेता), सुमित कुमार, नीरज, संजीत कुमार, बिपिन कुमार, राजकिशोर चौरसिया सहित अनेक लोगों ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे विधि के शासन एवं निष्पक्ष न्याय की जीत बताया।
जमानत मिलने के उपरांत ज्योतिष मिश्रा ने कहा कि उन्हें प्रारंभ से ही न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास था और आज न्यायालय के आदेश ने उस विश्वास को और दृढ़ किया है। उन्होंने माननीय व्यवहार न्यायालय, खगड़िया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आदेश संवैधानिक मूल्यों एवं न्यायिक निष्पक्षता का सशक्त उदाहरण है।
इस प्रकरण में अधिवक्ता आदरणीय अजय सिंह द्वारा की गई प्रभावी, तर्कपूर्ण एवं निर्भीक पैरवी से अभियोजन की कमजोरियाँ न्यायालय के समक्ष स्पष्ट रूप से सामने आईं, जिसके परिणामस्वरूप आरोपों की संरचना धराशायी हो गई और आरोपितों को विधिक राहत प्राप्त हुई।

नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक

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