
खगड़िया/ जिलाधिकारी महोदय ध्यान दें : पीडीएस डीलरों से अवैध वसूली का मामला…जिला लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत परिवाद दर्ज
खगड़िया/ जिलाधिकारी महोदय ध्यान दें : पीडीएस डीलरों से अवैध वसूली का मामला…जिला लोक शिकायत निवारण अधिनियम के अंतर्गत परिवाद दर्ज
खगड़िया/ कौशी एक्सप्रेस/ प्राप्त प्रामाणिक तथ्यों, लिखित शिकायतों, मीडिया में प्रकाशित समाचारों एवं प्रत्यक्ष साक्ष्यों के आधार पर यह गंभीर तथ्य संज्ञान में आया है कि खगड़िया जिला अंतर्गत अलौली प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के संचालन में संलग्न डीलरों से प्रतिमाह अवैध रूप से रिश्वत की वसूली की जा रही है, जो कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988, भारतीय न्याय संहिता, तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
उक्त संदर्भ में प्रेस एसोसिएशन ऑफ बिहार के अध्यक्ष सह वरिष्ठ पत्रकार आर.एम.पी. मधुर द्वारा सम्यक जांचोपरांत दिनांक 27 जनवरी 2026 को जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय, खगड़िया में विधि-सम्मत कार्रवाई हेतु परिवाद दायर किया गया है।
परिवाद में उल्लेख किया गया है कि अलौली प्रखंड के पीडीएस डीलर सुनील कुमार (पुत्र स्व. सत्यनारायण पोद्दार, वार्ड संख्या–5) द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि प्रखंड स्तर पर पदस्थापित प्रखंड कोऑर्डिनेटर श्री मनीष कुमार द्वारा प्रति क्विंटल ₹60 की दर से अवैध राशि की मांग एवं वसूली की जाती है। आरोप है कि यदि निर्धारित अवैध राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो संबंधित डीलरों के खाद्यान्न आवंटन पर मनमाने एवं गैरकानूनी ढंग से रोक लगा दी जाती है, जो कि प्रशासनिक अधिकारों का दुरुपयोग एवं आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है।
पीड़ित डीलर द्वारा अपने आरोपों के समर्थन में ऑनलाइन भुगतान से संबंधित प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं तथा यह स्पष्ट किया गया है कि निगरानी अथवा किसी भी सक्षम जांच एजेंसी के समक्ष उक्त दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, प्रखंड आपूर्ति कार्यालय, अलौली द्वारा निर्गत पत्रांक 127/25 दिनांक 24.11.2025 का हवाला देते हुए यह आरोप भी सामने आया है कि केवल उन्हीं डीलरों को खाद्यान्न आवंटन किया जाता है, जो अवैध वसूली की राशि का भुगतान करते हैं, जबकि राशि देने से इंकार करने वाले डीलरों को योजनाबद्ध तरीके से खाद्यान्न वितरण से वंचित किया जाता है, जो कि भेदभावपूर्ण, मनमाना एवं असंवैधानिक कृत्य है।
सूत्रों से यह भी विदित हुआ है कि उक्त पीडीएस डीलर द्वारा दिनांक 25 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी, खगड़िया के समक्ष भी इस संबंध में लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जो प्रशासनिक संज्ञान में है।
परिवाद एवं मौखिक साक्ष्यों से यह भी संकेत मिलता है कि इस कथित अवैध वसूली में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अलौली में पदस्थापित श्री अंजनी कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों की मिलीभगत एवं सहभागिता से इनकार नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि फेयर प्राइस डीलर्स संगठन, पटना के प्रदेश महासचिव दयानंद प्रसाद द्वारा पत्रांक 5/26 दिनांक 05 जनवरी 2026 को सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार, पटना को प्रेषित पत्र में उपर्युक्त अधिकारियों के विरुद्ध प्रति क्विंटल ₹60 की अवैध वसूली की औपचारिक शिकायत की गई है, जिसमें ऑनलाइन भुगतान से संबंधित दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया है।
यह उल्लेखनीय है कि पूर्व में जिलाधिकारी, खगड़िया द्वारा इस प्रकार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी अथवा कर्मी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद कथित रूप से प्रतिमाह लाखों रुपये की अवैध राशि की वसूली होना प्रशासनिक निष्क्रियता एवं संस्थागत भ्रष्टाचार की ओर संकेत करता है।
इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार आर.एम.पी. मधुर ने यह स्पष्ट किया है कि यद्यपि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता नीति का दावा करती है, तथापि ऐसे संगठित भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश केवल निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध आपराधिक अभियोजन से ही संभव है। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि यदि शीघ्र विधि-सम्मत कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मामले में माननीय पटना उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर निगरानी जांच एवं स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की जाएगी।
— जारी
नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
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