खगड़िया : इंडियन पब्लिक स्कूल में विदाई समारोह यादगार…सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मोहा मन…अनुशासन ही सफलता की कुंजी- अर्चना कुमारी, सभापति 

खगड़िया : इंडियन पब्लिक स्कूल में शिक्षा सम्मान सह विदाई समारोह यादगार...सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मोहा मन…अनुशासन ही सफलता की कुंजी- अर्चना कुमारी, सभापति

खगड़िया/कोशी एक्सप्रेस/ आज मंगलवार 17 मार्च 2026 को  स्थानीय गुलाब नगर स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल में शिक्षा सम्मान सह विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन नगर सभापति अर्चना कुमारी, कौशी एक्सप्रेस के संपादक पुरुषोत्तम कुमार, शिक्षक नेता मनीष सिंह, पत्रकार राज किशोर सिंह, प्रो. अरविंद कुमार सिंह, डॉ. अमित आनंद, भाजपा नेता मनीष कुमार, हॉकी संघ सचिव विकास कुमार तथा विद्यालय के निदेशक विकास कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं अवानी कुमारी, संस्कृति कुमारी, वीरा कुमारी, श्रेया कुमारी, प्रियंका, लक्ष्मी, कल्पना एवं दिव्या के स्वागत गीत से हुई। इसके बाद विभिन्न छात्र-छात्राओं ने फिल्मी, देशभक्ति एवं धार्मिक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए।
“आयो रे शुभ दिन आयो रे” गीत पर भव्या, वैष्णवी, कल्पना, लक्ष्मी, रिद्धि, रिया, सृष्टि एवं तृप्ति ने शानदार प्रस्तुति दी। वहीं महाभारत थीम पर अनन्या सिंह एवं तनु कुमारी तथा “सत्यम शिवम सुंदरम” गीत पर अवानी कुमारी एवं वीरा ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। “पापा मेरे पापा” गीत पर अनुष्का सिंह, परी, राधा, मिस्टी, अनन्या, ब्यूटी, मानवी, पीहू, नवयता, शिवांगी एवं अनायशा गुप्ता की प्रस्तुति भावुक कर देने वाली रही। इसके अलावा “लुंगी डांस” गीत पर सुमित, दर्श, आलोक, राजवीर, चेतन एवं नवीन राज ने उत्साहपूर्ण प्रस्तुति दी।
समारोह के दौरान कक्षा दसवीं के छात्र-छात्राओं को विदाई दी गई। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक एवं अन्य गणमान्य लोगों द्वारा छात्रों को मोमेंटो एवं चरित्र प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
नगर सभापति अर्चना कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि अनुशासन ही बच्चों का सबसे बड़ा आभूषण है और इसे अपनाकर वे अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त कर सकते हैं। वहीं शिक्षक नेता मनीष सिंह ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए उनमें सकारात्मक सोच एवं मानवीय मूल्यों का विकास आवश्यक है। कौशी एक्सप्रेस के संपादक पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का ज्ञान भी आवश्यक है। बच्चों को समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
शिक्षक नेता मनीष सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि छात्र-छात्राएं देश का भविष्य हैं और उनके सर्वांगीण विकास पर ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पुस्तक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों में सकारात्मक सोच, अनुशासन, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने से ही सफलता प्राप्त होती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गुरुजनों और अभिभावकों के मार्गदर्शन का सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए, तभी जीवन में सही दिशा मिलती है।
मनीष सिंह ने बताया कि इस विद्यालय की स्थापना लगभग 19 वर्ष पूर्व हुई थी और तब से यह संस्था लगातार शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि यहां बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल के साथ-साथ सांस्कृतिक और नैतिक शिक्षा भी दी जाती है, जो उन्हें एक बेहतर नागरिक बनने में मदद करती है। पत्रकार राज किशोर सिंह ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा के साथ जागरूकता भी जरूरी है। बच्चों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए।
प्रो. अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि कठिन परिश्रम और लगन से ही सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने छात्रों को निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।
डॉ. अमित आनंद ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है। बच्चों को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहना चाहिए।
भाजपा नेता मनीष कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को देशहित और समाजहित में सोच विकसित करनी चाहिए, तभी एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
हॉकी संघ सचिव विकास कुमार ने बच्चों को खेल एवं शिक्षा दोनों में संतुलन बनाए रखने की सलाह दी और कहा कि खेल भी जीवन में अनुशासन सिखाता है।
विद्यालय के प्रिंसिपल विकास कुमार ने छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पढ़ाई जीवन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वर्षों से जुड़े छात्रों को विदा करना कठिन है, लेकिन उनके उज्जवल भविष्य के लिए यह जरूरी है।
विदाई के दौरान छात्र-छात्राएं एक-दूसरे से गले मिलकर भावुक हो उठे और माहौल कुछ देर के लिए भावुक हो गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक

 

नोट- प्रसारित समाचार की जिम्मेवारी प्रेस की नहीं है तथा विज्ञापनों की प्रामाणिकता से प्रेस का कोई सबंध नहीं है – संपादक
*

 

 

 

Live Share Market

जवाब जरूर दे 

आप अपने सहर के वर्तमान बिधायक के कार्यों से कितना संतुष्ट है ?

View Results

Loading ... Loading ...

Related Articles

Back to top button
Close
Close